13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अनचाहे नवजात शिशु को मिलेगा ‘आश्रय’

- जिला अस्पताल परिसर में बनेगा केंद्र- यहां बच्चों को छोडऩे की मिलेगी सुविधा

less than 1 minute read
Google source verification

image

Gitesh Dwivedi

Sep 18, 2016

ashraya

dewas hospital ashraya


देवास. स्वास्थ्य विभाग चिकित्सा सुविधाओं के साथ एक और कदम उठाने जा रहा है। प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में 'आश्रयÓ केंद्र खोले जाएंगे। जहां पर अनचाहे नवजात शिशुओं को आश्रय मिल सकेगा। इन शिशुओं को लोक-लाज व समाज के डर से इधर-उधर फेंक दिया जाता था। अब ऐसे शिशुओं को जिला अस्पताल में खुलने वाले आश्रय केंद्र में सहारा मिल सकेगा। इन बच्चों को स्वास्थ्य विभाग संरक्षण देगा। भोपाल से स्वास्थ्य संचालनालय से इस संबंध में सभी सीएमएचओ व सिविल सर्जन को आदेश जारी कर दिया है।


जिला अस्पताल में जिला पंचायत के सामने केंद्र खोला जाएगा। असल में, शहर में कईबार ऐसी घटनाएं होती हैं , जब लोक लाज, नवजात शिशुओं को कूड़े में फेंक देते हैं। इसे रोकने के लिए नए केंद्र को खोला जा रहा है, ताकि एक नन्हीं जिंदगी को बचाया जा सके।

आश्रय केंद्र में एक पालने के साथ अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। अनचाहे शिशु को इस पालने में छोडऩा होगा। छोडऩे वाले के चले जाने के दो मिनट बाद घंटी बजेगी। इसके बाद वहां ड्यूटी करने वाले डॉक्टर उस बच्चे को अपने संरक्षण में ले लेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने इसका स्लोगन ही दिया है, फेंके नहीं, हमें दें ... आश्रय - प्यार का, दुलार का और भविष्य निर्माण का। जागरूकता संदेश के तौर पर स्वास्थ्य विभाग ने साफ लिखा है, किसी भी अनचाहे शिशु को यूं ही कहीं नहीं फेंके। उसे अस्पताल परिसर में स्थापित आश्रय केंद्र के पालने में छोड़ जाएं। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है , इसके लिए ट्रॉमा सेंटर के पास केंद्र खोला जाएगा।


सिविल सर्जन डॉ. एसके सरल ने बताया कि आश्रय केंद्र नेशनल हेल्थ मिशन के तहत खोला जाएगा। यहां पर लावारिस बच्चों को छोड़ जाने की सुविधा दी जाएगी। इस केंद्र को ट्रॉमा सेंटर के पास आश्रय केंद्र स्थापित किया जाएगा।