
फिर हुआ विवाद, पार्षद प्रतिनिधि के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा का प्रकरण
देवास. नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारियों व जनप्रतिनिधियों के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले बुधवार को पार्षद प्रतिनिधि व स्वास्थ्य अधिकारी के बीच विवाद के बाद शनिवार को फिर एक पार्षद प्रतिनिधि व निगमकर्मी के बीच विवाद हो गया। निगमकर्मी ने मलबा शुल्क का रसीद कट्टा फाड़ने व गालीगलौज करने का आरोप लगाते हुए कोतवाली पर थाने पर आवेदन दिया। मामले में कोतवाली पुलिस ने वार्ड क्रमांक-32 की पार्षद निधि वर्मा के प्रतिनिधि प्रवीण वर्मा के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, गालीगलौज सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। वहीं पार्षद प्रतिनिधि वर्मा का आरोप है कि संबंधित कर्मचारी द्वारा अवैध वसूली की जा रही थी। उधर देर शाम भाजपा नेताओं ने कोतवाली थाने पहुंचकर नारेबाजी की व प्रकरण दर्ज करने पर आपत्ति जताई।
मलबा शुल्क की वसूली के दौरान हुआ घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार वार्ड क्रमांक 32 स्थित भौंसले कालोनी में नगर निगम के राजस्व विभाग से जुड़े छोटेलाल शर्मा मलबा शुल्क की वसूली करने पहुंचे थे। इसी दौरान पार्षद प्रतिनिधि वर्मा ने पहुंचकर आपत्ति ली और मलबा शुल्क का रसीद कट्टा फाड़ दिया। इस पर शर्मा ने घटनाक्रम की जानकारी अफसरों को दी। इसके बाद नगर निगम के कर्मचारी, राजस्व अधिकारी प्रवीण पाठक, प्रदीप शास्त्री आदि कोतवाली थाने पहुंचे और पार्षद प्रतिनिधि वर्मा के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने के लिए आवेदन दिया। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने पार्षद प्रतिनिधि के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया।
अवैध वसूली कर रहा था
पार्षद प्रतिनिधि वर्मा ने बताया कि मैं सुबह अपने वार्ड में था। सूचना मिली कि नगर निगम के कर्मचारी छोटेलाल शर्मा द्वारा मलबे की अवैध वसूली की जा रही है। मैं मौके पर पहुंचा। कर्मचारी शर्मा ने वार्ड के राकेश परमार से दो हजार रुपए की मांग की व बिना रसीद के उनसे एक हजार रुपए ले लिए। मैंने विरोध किया तो शर्मा ने मेरे साथ पार्षद निधि वर्मा के साथ अभद्रता की। शर्मा ने खुद के हाथ से ही रसीद कट्टे फाड़ दिए। मैं सासंद, विधायक, महापौर सहित अन्य जगह शिकायत करूंगा। निगमायुक्त को आवेदन दिया है।
थाने पहुंचे पार्षद व भाजपा नेता
उधर देवास विकास प्राधिकरण अध्यक्ष राजेश यादव के नेतृत्व में भाजपा पार्षद, प्रतिनिधि व कार्यकर्ता देर शाम कोतवाली थाने पहुंचे। पुलिस पर दबाव में कार्रवाई का आरोप लगाया। पार्षदों का कहना था कि पुलिस ने बिना जांच के ही पार्षद प्रतिनिधि पर प्रकरण दर्ज कर लिया। मामले की पहले जांच करना थी। देविप्रा अध्यक्ष यादव ने कहा कि पुलिस ने बिना किसी चर्चा के प्रकरण दर्ज कर लिया। इस संबंध में एसपी, महापौर व आयुक्त से चर्चा की है। वहीं कोतवाली पुलिस का कहना था कि तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है।
Published on:
11 Feb 2024 01:06 am
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