
रुक जाना नहीं योजना....अंचल में नहीं बना एक भी परीक्षा केंद्र, कई विद्यार्थी 100 किमी दूर से आए देवास
देवास. माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा दसवीं व बारहवीं की परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा देने लिए एक और मौका रुक जाना नहीं योजना के तहत दिया गया है। परीक्षाओं की शुरुआत गुरुवार से हुई। खास बात यह है कि इस परीक्षा के लिए सभी परीक्षा केंद्र जिला मुख्यालय पर ही बनाए गए हैं, अंचल में एक भी केंद्र नहीं है। ऐसे में कई परीक्षार्थियों को 100 किमी से भी अधिक दूरी से जिला मुख्यालय आना पड़ा। यही नहीं शाम की परीक्षा में शामिल होने वाले कुछ परीक्षार्थी देवास में अपने रिश्तेदारों के यहां रुके तो कुछ को इंदौर होकर अपने गांव तक जाना पड़ा जिसमें काफी रात हो गई। जानकारी के अनुसार परीक्षा का आयोजन राज्य ओपन बोर्ड द्वारा करवाया जा रहा है। सुबह की पाली की परीक्षा सुबह 8 से 11 बजे तक 6 केंद्रों पर कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों की हुई। वहीं कक्षा बारहवीं की परीक्षा 9 केंद्रों पर दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक हुई। इस दौरान शहर सहित अंचल व दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थी पहुंचे। कई विद्यार्थी अपने पालकों के साथ परीक्षा केंद्रों तक आए थे।
सुबह 6 बजे निकले थे घर से, अब इंदौर होकर जाएंगे
खातेगांव क्षेत्र के ग्राम इकलेरा निवासी देवकरण पंवार ने पत्रिका को बताया कि वो अपने बेटे को परीक्षा दिलवाने के लिए देवास के चिमनाबाई मिडिल स्कूल केंद्र पर आए थे। इसके लिए सुबह 6 बजे घर से निकले थे। गांव से खातेगांव आए फिर बस पकड़ी, परीक्षा दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक हुई। अब देवास से सीधा साधन भी नहीं मिलेगा, ऐसे में इंदौर होकर वहां से खातेगांव और फिर गांव जाएंगे। दूरस्थ अंचल में परीक्षा केंद्र बनाए जाना चाहिए ताकि विद्यार्थी व परिजन परेशान न हों।
वर्जन
परीक्षा केंद्रों का निर्धारण वरिष्ठ स्तर से किया जाता है। जहां तक शाम की परीक्षा में दूरस्थ अंचल वाले विद्यार्थियों की परेशानी का सवाल है तो विद्यार्थी चिमनाबाई हायर सेकंडरी स्कूल में रात्रि विश्राम कर सकते हैं। इस संबंध में केंद्राध्यक्षों को निर्देशित किया जा चुका है।
-दिव्या निगम, प्राचार्य चिमनाबाई हासे स्कूल समन्वयक संस्था राज्य ओपन बोर्ड।
Published on:
16 Jun 2023 01:08 pm
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