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माशिमं की अंकसूचियों में त्रुटियों की भरमार, हर माह सुधार के लिए आ रहे 30-40 प्रकरण

-समन्वयक संस्था उत्कृष्ट विद्यालय में है सुधार की प्रक्रिया के इंतजाम, यदि नामांकन में त्रुटि है तो संभागीय अधिकारी के हस्ताक्षर जरूरी

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माशिमं की अंकसूचियों में त्रुटियों की भरमार, हर माह सुधार के लिए आ रहे 30-40 प्रकरण

माशिमं की अंकसूचियों में त्रुटियों की भरमार, हर माह सुधार के लिए आ रहे 30-40 प्रकरण

सत्येंद्रसिंह राठौर. देवास

माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा दसवीं व बारहवीं की अंकसूचियों में त्रुटियोंं की भरमार देखने को मिल रही है। कहीं किसी का नाम, पिता या फिर माता का नाम गलत दर्ज है तो किसी का फोटो बदला हुआ है। इसके साथ ही जन्मतिथि में सुधार के मामले में भी सामने आ रहे हैं। वहीं कुछ गिने-चुने मामले नामांकन की त्रुटि वाले भी रहते हैं जिसके लिए संभागीय अधिकारी (माशिमं) के हस्ताक्षर अनिवार्य हैं, ऐसे में संबंधित को उज्जैन भी जाना पड़ रहा है। हालांकि ऐसे मामलों के आवेदन पर सुधार की प्रक्रिया भी देवास में ही पूर्ण की जाती है। देवास में समन्वयक संस्था उत्कृष्ट विद्यालय में अंकसूची मेंं त्रुटि सुधार की प्रक्रिया ऑनलाइन पूर्ण की जा रही है, औसतन यहां 30-40 मामले हर माह आ रहे हैं।

अप्रैल 2022 से सिर्फ 2003 के बाद की अंकसूचियों में ही सुधार

अप्रैल 2022 के पहले तक उत्कृष्ट विद्यालय देवास में किसी भी वर्ष की अंकसूची में सुधार की प्रक्रिया पूरी कर दी जाती थी लेकिन अप्रैल 2022 से माशिमं के आदेश के अनुसार 2003 के बाद की अंकसूची में ही सुधार कार्य किया जा रहा है। हालांकि कुछ विद्यार्थी ऐसे भी आ रहे हैं जिनकी अंकसूची 2003 के पहले की है, पूछताछ कर लौट रहे हैं।

जन्मतिथि में सुधार 3 साल के अंदर जरूरी, फोटो के लिए 1 साल का समय

उत्कृष्ट विद्यालय से मिली जानकारी के अनुसार अंकसूची में जन्मतिथि में त्रुटि होने पर ३ साल के अंदर सुधार करवाना माशिमं के निर्देश के अनुसार आवश्यक है। वहीं यदि फोटो में त्रुटि है तो सुधार के लिए एक साल का ही समय रहता है।

अंकसूची आने पर, प्रवेश प्रक्रिया के दौरान हर आंकड़ा 50 तक

अंकसूची आने के बाद व प्रवेश प्रक्रिया के दौरान अंकसूची में सुधार के मामले अधिक आते हैं। उस दौरान इनकी मासिक औसत संख्या 50 तक पहुंच जाती है। इस साल कक्षा दसवीं, बारहवीं की अंकसूचियां अभी तक नहीं आई हैं।

दो छात्राओं व पिता के नाम एक जैसे, जानकारी इधर से उधर

अंकसूची में त्रुटि सुधार के दौरान एक मामला ऐसा भी सामने आया जिसमें दो छात्राओं व उनके पिता के नाम एक समान हैं। एक छात्रा की मां का नाम व अन्य जानकारी दूसरे की अंकसूची पर दर्ज है। यह प्रकरण हाईस्कूल गोदना का है। यहां शिवानी पिता नरसिंह नाम की दो छात्राएं हैं। अंकसूची में सुधार के लिए शिक्षक किशोर सिंह मंडलोई देवास पिछले दिनों आए थे।

सुधार के बाद पोस्ट से आती है अंकसूची घर या स्कूल

माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा अंकसूची में सुधार के बाद नई अंकसूची पोस्ट के माध्यम से दिए गए पते पर संबंधित विद्यार्थी के घर या फिर संबंधित स्कूल तक पहुंचाई जाती है।

वर्जन

अंकसूचियों में त्रुटि सुधार के लिए हमारे यहां से प्रक्रिया व्यवस्थित व प्राथमिकता के साथ की जा रही है। विद्यार्थियोंं की जागरुकता के लिए कई स्कूलों में पोस्टर, बैनर भी लगवाए गए हैं।

-सुधीर कुमार सोमानी, प्राचार्य समन्वयक संस्था उत्कृष्ट विद्यालय देवास।

अंकसूची में सुधार के लिए ये दस्तावेज आवश्यक

-नाम, पिता एवं माता के नाम में संशोधन के लिए स्कॉलर रजिस्टर की फोटोकॉपी पर प्राचार्य व संकुल प्राचार्य के हस्ताक्षर व पूर्व विद्यालय की टीसी पर प्राचार्य के हस्ताक्षर।

-जन्मतिथि के संशोधन के लिए स्कॉलर रजिस्टर की फोटोकॉपी पर प्राचार्य व डीईओ के हस्ताक्षर एवं पूर्व विद्यालय की टीसी पर प्राचार्य के हस्ताक्षर तथा प्राचार्य का अनुशंसा पत्र आवश्यक।

-फोटो में संशोधन के लिए नामांकन या प्रवेश पत्र की फोटोकॉपी पर प्राचार्य के हस्ताक्षर, प्राचार्य के अनुशंसा पत्र पर फोटो अटेस्टेड व डीईओ के माध्यम से फोटो अटेस्टेड।