
नवभारत साक्षरता कार्यक्रम... सामाजिक चेतना केंद्रों में जनसहयोग से शुरू करेंगे पुस्तकालय व वाचनालय, सतत शिक्षा से जुड़े रहेंगे नवसाक्षर
सत्येंद्रसिंह राठौर. देवास
असाक्षरों को साक्षर बनाने के लिए चलाए जा रहे नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत देवास जिले में नवाचार किया जा रहा है। असाक्षरों के अक्षर ज्ञान के लिए संचालित किए जा रहे सामाजिक चेतना केंद्रोंं में पुस्तकालय व वाचनालय कॉर्नर शुरू किए जा रहे हैं। जनसहयोग से इनका संचालन किया जाएगा और साक्षर होने वाले (नवसाक्षर) यहां से किताबें लेकर अपने पढ़ाई के स्तर को और आगे बढ़ाएंगे वहीं सतत शिक्षा से भी जुड़े रहेंगे। जिले के कुल 1116 सामाजिक चेतना केंद्रों में करीब 350 में इनकी शुरुआत की जा चुकी है। यहां के लिए पुस्तकें बुक डीलर, बुक डिपो, दानदाता, समाजसेवी उपलब्ध करवा रहे हैं, बड़ी संख्या में महिलाएं भी आगे आई हंैं। हालांकि दूरस्थ अंचल में किताबोंं को जुटाने के लिए अतिरिक्त प्रयास करना पड़ेेंगे और शहरी व नगरीय क्षेत्रों से ही सहयोग लेना पड़ेगा। पुस्तकालय व वाचनालय कॉर्नर शुरू करने के लिए इस साल मई मेंं शुरुआत की गई थी। सार्वजनिक स्तर सहित निजी स्तर से दानदाता इसमें सहयोग कर रहे हैं।
जिले में 2.38 लाख के लगभग असाक्षरों की संख्या
जिले में करीब एक साल पहले असाक्षरों की कुल संख्या 2.59 लाख सामने आई थी। इनकी पढ़ाई के लिए स्कूल, आंगनवाड़ी भवनों में संचालित सामाजिक चेतना केंद्रों गतिविधि चल रही है। दो बार परीक्षाओं का आयोजन हो चुका है जिसमें करीब 24 हजार ने भागीदारी की थी। इसमें से करीब २१ हजार परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं। प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम देखने वाले शैलेष पाटीदार ने बताया वर्तमान में करीब 2.38 लाख असाक्षर हैं जिनको चरणबद्ध तरीके से आगामी कुछ वर्षों में साक्षर बनाने के लिए काम किया जा रहा है।
जिले में विकासखंडवार सामाजिक चेतना केंद्रों की स्थिति
विकासखंड सामाजिक चेतना केंद्र
देवास 170
टोंकखुर्द 109
सोनकच्छ 94
बागली 367
कन्नौद 238
खातेगांव 138
वर्जन
नव साक्षरों को शिक्षा से सतत जोडऩे के लिए जनसहयोग से प्रयास करते हुए सामाजिक चेतना केंद्रों पर पुस्तकालय व वाचनालय शुरू किए जा रहे हैं। जल्द ही इसके सार्थक परिणाम मिलेंगे।
-आर.के. सक्सेना, जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी देवास।
Published on:
17 Aug 2023 12:30 pm
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