बीएनपी में सीआईएसएफ की बैरक के बाद कॉलोनी के मकान में पहुंचा संक्रमण, असिस्टेंट कमांडेट के यहां तैनात जवान की पत्नी आई चपेट में
देवास। कोरोना का कहर जिले में लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को एकसाथ ११ संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई। ऐसा जिले में संक्रमण की शुरुआत से लेकर अब तक ६५ दिनों में पहली बार हुआ है, इससे पहले इतने मरीज एकसाथ कभी नहीं मिले।
सोमवार को 128 संदिग्ध मरीजों की कोरोना जांच रिपोर्ट आईं। इनमें से 110 नेगेटिव जबकि 11 पॉजिटिव रहीं। इसके अलावा अस्पताल में पहले से भर्ती पांच मरीजों का रिपीट टेस्ट पॉजिटिव और एक का नेगेटिव रहा। वहीं एक सेम्पल पैथालॉजी द्वारा रिजेक्ट कर दिया गया। शहर के पीठा रोड निवासी जो चार लोग पॉजिटिव मिले हैं वो एक ही परिवार के हैं। ३५ वर्षीय एक किराना व्यापारी व उसकी ३० वर्षीय पत्नी, किराना व्यापारी की ४३ साल की भाभी और उनकी १६ साल की बेटी संक्रमित पाई गई हंैं। इनके पविार में ८ सदस्य हैं। यह क्षेत्र कुछ दिनों पहले ही कंटेनमेंट एरिया बनाया गया था जब ६० वर्षीय महिला की मृत्यु के दो दिन बाद उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। वहीं सोनकच्छ के लक्ष्मीबाई मार्ग पर रहने वाले पूर्व संक्रमित मस्जिद के मोजिम के परिवार के चार सदस्य भी पॉजिटिव मिले। मोजिम के २० व १६ साल के दो बेटे, २४ साल का एक भतीजा व एक ४५ साल की एक महिला सदस्य संक्रमित हुए हैं। इधर शहर के बैंक नोट प्रेस में तैनात ३२ साल जवान संक्रमित मिला है जो बैरक में उन जवानों के साथ रहता था जो पिछले दिनों संक्रमित पाए जा चुके हैं। वहीं असिस्टेंट कमांडेंट के यहां तैनात रहने वाले जवान की २६ साल की पत्नी भी संक्रमित पाई गई है। इसका परिवार सरकारी मकान में रहता है, पांच साल की एक बेटी भी है। एक अन्य मरीज टोंकखुर्द के समीप देवली गांव की रहने वाली १७ साल की किशोरी है जो टोंकखुर्द में कक्षा बारहवीं की परीक्षा दे रही है। पिछले दिनों परीक्षा देने के बाद इसे हल्का बुखार आया था, इसके बाद नमूने लिए गए थे। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अमलतास अस्पताल देवास में भर्ती कराया गया है। इसके परिवार में ७ सदस्य हैं। देवली वही गांव है जहां कमलापुरखेड़ा गांव की निवासी आशा कार्यकर्ता पिछले दिनों विवाह समारोह में शामिल हुई थी और रविवार को ही उसके संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। उधर स्वास्थ्य विभाग द्वारा शहर व अंचल के ४० और संदिग्ध मरीजों के नमूने लेकर सोमवार को जांच के लिए भेजे गए।
बीएनपी के मरीजों को कोई लक्षण नहीं
कोरोना जिला नोडल अधिकारी डॉ. एसएस मालवीय के अनुसार बीएनपी में संक्रमित पाए गए सीआईएसएफ के जवान व एक अन्य जवान की पत्नी को कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं। ऐसे में इनको अमलतास अस्पताल न भेजते हुए जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया है।
मास्क और अन्य जरूरी सामान नहीं
जिले मेंं कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए भले ही भारी-भरकम बजट आया हो लेकिन कई क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को जरूरी सामान की कमी से जूझना पड़ रहा है। सोमवार दोपहर बरोठा क्षेत्र की एएनएम सहित कुछ अन्य कर्मचारी मास्क व आवश्यक सामग्री की मांग को लेकर सीएमएचओ डॉ. आरके सक्सेना के कार्यालय पहुंचे। कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों को भी कोरोना बचाव में लगने वाली सामग्री की कमी से अवगत करवाया गया है।