-अभी तक मरीज की इमरजेंसी वार्ड में परीक्षण कर फिर अन्य वार्ड में ले जाने के बाद उपचार संबंधी तैयारी में लग जाता है समय
सत्येंद्रसिंह राठौर. देवास
मरीजों के लिए त्वरित उपचार, नई सुविधाएं, स्टॉफ को सहूलियत देने के लिए जिला अस्पताल को निजी अस्पतालों की तर्ज पर हाइटेक बनाने के तहत कई उपाय किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब गंभीर मरीजों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने की पहल के तहत इंटरकॉम सुविधा का उपयोग किया जाएगा। जैसे ही कोई गंभीर मरीज इमरजेंसी वार्ड में पहुंचेगा तो उसकी स्थिति के हिसाब से आवश्यकता वाले वार्ड, ओटी, एक्सरे, सोनोग्राफी, ब्लड टेस्ट आदि जगह फोन कर तुरंत सूचना दे दी जाएगी, इसी हिसाब से उन वार्ड या जांच आदि जगहों में तैयारी कर ली जाएगी। मरीज के पहुंचते ही उपचार, जांच तुरंत शुरू हो सकेगा।
20 से अधिक कनेक्शन दिए जाएंगे पहले चरण में
जिला अस्पताल प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार पहले चरण में इंटरकॉम सुविधा के तहत २० से अधिक कनेक्शन करने की तैयारी है। इनके माध्यम से हर वार्ड एक-दूसरे से कनेक्ट हो जाएगा। आवश्यकता पडऩे पर अगले चरण में कनेक्शन की संख्या में विस्तार किया जा सकेगा। इंटरकॉम सुविधा के लिए लक्ष्य नेशनल सर्टिफाइड मेटरनिटी जिला अस्पताल की इंचार्ज सुधा नायर ने पूर्व में काया कल्प अभियान के समय वरिष्ठ अधिकारियों से आग्रह किया था।
ओटी, पैथालॉजी, सीटी स्कैन, सोनोग्राफी, ब्लड बैंक से सीधा संपर्क
इंटरकॉम सुविधा से विभिन्न वार्डों से ऑपरेशन थिएटर, पैथालॉजी, सीटी स्कैन, एक्सरे, सोनोग्राफी, ब्लड बैंक आदि से सीधा संपर्क रहेगा। मरीज की आवश्यकता के हिसाब से स्टॉफ आपस में चर्चा करके काम करेगा। यही नहीं अति गंभीर मामलों में जांच होते ही डॉक्टर सीधे फोन पर रिपोर्ट की स्थिति पता करके उपचार कर सकेंगे।
हाई रिक्स गर्भवती, सडक़ हादसों के मामलों में होगी अधिक सुविधा
यूं तो इंटरकॉम से सभी गंभीर मरीजों की जानकारी आवश्यकता वाले वार्ड में दी जाएगी लेकिन इससे काफी सुविधा होगी हाई रिस्क गर्भवती के एक्लेमसिया बीमारी से पीडि़त होने वाली महिलाओं के मामले में। ऐसी महिला के इमरजेंसी वार्ड में आते ही मेटरनिटी वार्ड को सूचना दे दी जाएगी, जब तक महिला मेटरनिटी वार्ड में पहुंचेगी तब तक स्टॉफ आवश्यक किट व अन्य व्यवस्थाएं कर चुका होगा। पिछले एक साल में जिला अस्पताल में एक्लेमसिया पीडि़त करीब 25 महिलाओं में से कुछ का सामान्य प्रसव तो कुछ का सीजर से करवाया गया है। सडक़ हादसों में गंभीर घायल मरीजों के उपचार में भी तुरंत इंतजाम हो सकेंगे।
वर्जन
गंभीर मरीजों के केस में एक-एक मिनट महत्वपूर्ण होता है। मरीज की स्थिति के हिसाब से उपचार, जांच, ऑपरेशन आदि की त्वरित तैयारी में सुविधा के लिए इंटरकॉम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही इसका उपयोग शुरू जो जाएगा। शुरुआत में 20-22 कनेक्शन करवाए जा रहे हैं।
-डॉ. अजय पटेल, आरएमओ जिला अस्पताल।
मरीज की स्थिति से तय होगी प्राथमिकता
इंटरकॉम से एक सुविधा यह भी होगी कि मरीज के इमरजेंसी वार्ड मेंं आने के बाद उसकी स्थिति के हिसाब से सीटी स्कैन, एक्सरे, सोनोग्राफी आदि जांच के लिए उसकी प्राथमिकता तय हो जाएगी। यदि हालत गंभीर होगी तो संबंधित स्थानों पर तुरंत नंबर लगाकर जांच करवाने के लिए फोन पर ही बोल दिया जाएगा।