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जिला अस्पताल: 3  दशक मेंं पहली बार बड़े घाव की स्किन ग्राफ्टिंग…सडक़ हादसे में घायल होने के बाद सडऩे लगा था पैर, किया ठीक

-दूसरे पैर की जांघ से चमड़ी निकालकर लगाई, इससे पहले सडऩ रोकने के लिए दो बार किए ऑपरेशन -करीब 20-22 सेमी लंबा व 8-10 सेमी चौड़ा था घाव, पैर की अंगुलियों में फ्रेक्चर के कारण स्थिति हो रही थी गंभीर  

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जिला अस्पताल: 3  दशक मेंं पहली बार बड़े घाव की स्किन ग्राफ्टिंग...सडक़ हादसे में घायल होने के बाद सडऩे लगा था पैर, किया ठीक

जिला अस्पताल: 3  दशक मेंं पहली बार बड़े घाव की स्किन ग्राफ्टिंग...सडक़ हादसे में घायल होने के बाद सडऩे लगा था पैर, किया ठीक


सत्येंद्र सिंह राठौर. देवास

करीब तीन दशक से ज्यादा पुराने जिला अस्पताल में सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने सडक़ हादसे में घायल होने के बाद एक व्यक्ति के सड़ रहे पैर का पहले दो बार ऑपरेशन करके उपचार किया। इसके बाद स्किन ग्राफ्टिंग (त्वचा निरोपण) करके मरीज का पैर ठीक करने में सफलता हासिल की है। जिला अस्पताल के इतिहास में इतनेे बड़े घाव (करीब 20-22 सेमी) की स्किन ग्राफ्टिंग पहली बार की गई है। इसके लिए डॉक्टरों ने करीब तीन माह तक लगातार उपचार किया।

जिला अस्पताल प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार देवास-डबलचौकी रोड स्थित ग्राम बालोदा के रहने वाले किसान प्रहलाद परमार 26 मार्च 2023 को राजोदा रोड पर मीठा तालाब के आगे वाले हिस्से में सडक़ हादसे में घायल हो गए थे। इसके उनके एक पैर के निचले हिस्से में गंभीर चोट लगी थी। इसके बाद पैर सडऩे लगा था जिसके कारण पहले चीरा लगाया गया फिर कुछ-कुछ दिनों के अंतराल में दो बार ऑपरेशन किए गए। परिजनों को मरीज को रैफर करने के बारे में कहा गया लेकिन उन्होंने यहीं पर उपचार करने का निवेदन किया, इसके बाद सर्जरी विभाग ने कुछ संसाधन और जुटाए और फिर पैर के सडऩ की स्थिति में सुधार होने के बाद 24 जून को स्किन ग्राफ्टिंग की गई। इसके बाद मरीज की हालत में सुधार होने पर अब डिस्चार्ज करने की तैयारी है।

पैर की अंगुलियों में फ्रेक्चर से होने लगी थी सडऩ

स्किन ग्राफ्टिंग करने वाले सर्जन डॉ. जितेंद्र रावत ने बताया हादसे में प्रहलाद के पैर में गंभीर चोट थी, अंगुलियों में फ्रेक्चर हुआ था जिसके कारण इन्फेक्शन बहुत ज्यादा बढ़ गया था, सडऩ होने लगी थी। ऐसे में मरीज को पहली बार में लगातार 14 दिन भर्ती रखकर पहला ऑपरेशन करके डेड स्किन को निकाला गया, सडऩ वाले हिस्से की सफाई की गई। कुछ दिनों के बाद फिर से यही प्रक्रिया अपनाई गई। प्रहलाद का घाव करीब 20-22 सेमी लंबा व 8-10 सेमी गहरा था। स्किन ग्राफ्टिंग सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. पी.के. जैन के मागदर्शन में डॉ. रावत सहित डॉ. पवन पाटीदार, डॉ. अरुण मालवीय की टीम ने की।

-जिला अस्पताल में करीब एक दशक पहले छोटे घावों की स्किन ग्राफ्टिंग होती थी, इतने बड़े घाव की स्किन ग्राफ्टिंग का यह संभवत: पहला मामला है। सामान्यत: यह काम प्लास्टिक सर्जन करते हैं लेकिन हमारे यहां सर्जरी विभाग की टीम ने यह काम कर दिखाया है। इसके लिए अलग से संसाधन भी जुटाए गए थे।

-डॉ. अजय पटेल, आरएमओ जिला अस्पताल देवास।