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आधा मानसून सीजन बीता, डेंगू-मलेरिया के मामलों में राहत…डेंगू का एकमात्र मरीज मिला वो भी दूसरे जिले का

-डेंगू, मलेरिया के अधिकांश सेम्पल की जांच में वायरल फीवर की पुष्टि, करीब दो माह पहले बागली व देवास में मिले थे मलेरिया के दो मरीज
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देवास

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Satyendra Singh Rathore

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Updated: 18 Aug 2023, 6:28 PM IST

आधा मानसून सीजन बीता, डेंगू-मलेरिया के मामलों में राहत...डेंगू का एकमात्र मरीज मिला वो भी दूसरे जिले का

आधा मानसून सीजन बीता, डेंगू-मलेरिया के मामलों में राहत...डेंगू का एकमात्र मरीज मिला वो भी दूसरे जिले का

देवास. मानसून सीजन शुरू होने के बाद शहर से लेकर अंचल तक जहां मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है वहीं डेंगू व मलेरिया के मरीजों के भी बढऩे की आशंका के बीच अभी तक सरकारी आंकड़ों में राहत है। बारिश के दो माह में मलेरिया के एक भी मरीज की पुष्टि नहीं हुई है वहीं अगस्त माह में डेंगू का एक मरीज मिला जो सीहोर जिले का निवासी था। हालांकि डेंगू व मलेरिया के संदिग्ध मरीजों के सेम्पल लेने व जांच करने का क्रम लगातार जारी है। वर्तमान में हर सप्ताह औसतन 5-10 संदिग्ध मरीजों के सेम्पल डेंगू के जांचे जा रहे हैं, इनमें से अधिकांश में वायरल फीवर की पुष्टि हो रही है। इसके अलावा मलेरिया विभाग द्वारा मैदानी अमले, स्वास्थ्य विभाग, नगरीय निकाय, आशा कार्यकर्ता आदि के सहयोग से लार्वा सर्वे व नष्टीकरण कार्य भी किया जा रहा है। जिले में करीब दो माह पहले बागली व देवास में एक-एक मलेरिया मरीज मिला था, कुछ दिनों के उपचार के बाद ये स्वस्थ हो गए थे।

डेंगू का मरीज निजी अस्पताल में हुआ था भर्ती

अगस्त माह में जिस डेंगू मरीज की पुष्टि हुई थी वो सीहोर जिले के आष्टा का रहने वाला था। देवास में अपने रिश्तेदार के यहां आने पर उसकी तबीयत बिगड़ी थी फिर देवास के ही एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जांच में डेंगू की पुष्टि हुई थी, इसके बाद सीहोर जिले के स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया गया था। कुछ दिनों के बाद मरीज स्वस्थ हो गया था।

2021 में कोरोना काल में 6 माह में मिले थे 354 डेंगू मरीज

मलेरिया विभाग के अनुसार देवास जिले में हर साल सामान्यत: 35-40 डेंगू के मरीज मिलते हैं लेकिन कोरोना काल में 2021 में स्थिति बहुत ज्यादा खराब हो गई थी। उस दौरान जुलाई से दिसंबर के बीच डेंगू के मरीजों की संख्या 354 तक पहुंच गई थी। हालांकि अगले साल 2022 में मरीजों की संख्या में अप्रत्याशित कमी भी दर्ज की गई थी और मरीजों का आंकड़ा 10-12 पर ही सिमट गया था।

जनवरी से जुलाई के बीच मलेरिया की 1.40 लाख जांचें

देवास जिले में जनवरी 2023 से जुलाई तक कुल 140358 संदिग्ध मरीजों की मलेरिया की जांच की गई, इनमें गिने-चुने पॉजिटिव मरीज मिले थे। वहीं डेंगू के 197 सेम्पल जांचे गए।

वर्जन

बारिश के सीजन में डेंगू, मलेरिया के प्रकोप की आशंका को देखते हुए मैदानी अमला सतत लगा हुआ है। संदिग्ध मरीजों की सेम्पलिंग भी की जा रही है। वर्तमान में मलेरिया या डेंगू का एक भी एक्टिव केस नहीं है।

-डॉ. रश्मि दुबे, जिला मलेरिया अधिकारी देवास।

बीमारी से बचाव के लिए करें ये काम

-घर के आसपास पानी का जमाव नहीं होने दें।

-सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।

-पानी से भरे रहने वाले स्थानों पर मिट्टी का तेल या जला हुआ इंजन आयल डालें।

-सप्ताह में एक बार डिब्बा, बाल्टी इत्यादि का पानी खाली कर दोबारा उपयोग होने पर उन्हें अच्छी तरह सुखा लें।

-पानी के बर्तनों को ढककर रखें, साफ पानी में पैदा होने वाला लार्वा ही डेंगू का कारण बनता है।