
फोटो सोर्स- पत्रिका
MP News: मध्य प्रदेश के देवास से ताल्लुक रखने वाले नरेश ने भक्ति की अनूठी मिसाल पेश की है। उन्होंने दो साल में 900 से अधिक पन्नों पर 14 लाख से ज्यादा बार राधा-राधा लिखकर नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। उनकी इस साधना को 20 फरवरी 2026 को इंडिया बुक ऑफ रेकॉर्ड्स ने आधिकारिक मान्यता प्रदान की।
दरअसल, शहर के जयप्रकाश नगर निवासी 65 वर्षीय सेवानिवृत्त नरेश खरे ने घर के सामने स्थित राधा-कृष्ण मंदिर से शुरू हुई यह यात्रा आज एक रेकॉर्ड में बदल चुकी है। खरे ने केवल नाम नहीं लिखा, बल्कि हर पन्ने को कलात्मक अभिव्यक्ति बना दिया गया। जब 7 से 8 लाख नाम पूरे हुए, तब उनके बेटे ने संस्था से संपर्क किया। संस्था ने विशिष्ट उपलब्धि मानते हुए पंजीयन कर आधिकारिक रेकॉर्ड प्रदान किया
नरेश खरे बताते हैं कि उनके बेटे ने मंदिर में 'राधा' नाम लेखन का अभियान शुरू किया था। शुरुआत में कई लोगों ने कुछ दिनों तक नाम लिखा, लेकिन खरे जी के भीतर यह साधना स्थायी हो गई। उन्होंने स्वयं एक विशेष फॉर्मेट तैयार कर जून 2024 से लेखन प्रारंभ किया। जनवरी 2026 तक यह संख्या 14 लाख के पार पहुंच गई।
नरेश खरे आज भी इस लेखन को जारी रखे हुए हैं। घर के कामकाज के बाद वे प्रतिदिन दो से तीन घंटे 'राधा' नाम लिखते हैं। उनके लिए यह केवल लेखन नहीं, बल्कि आत्मिक शांति और भक्ति का माध्यम है। 65 वर्ष की आयु में इस तरह का धैर्य और निरंतरता अपने आप में प्रेरणादायक है।
Updated on:
22 Feb 2026 02:11 pm
Published on:
22 Feb 2026 01:47 pm
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