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रक्षाबंधन पर्व से पहले निरस्त हो रही ट्रेनें बढ़ा रही यात्रियों की परेशानी

-इंदौर-सिवनी एक्सप्रेस दो दिन नहीं चलेगी, डॉ. अंबेडकरनगर-रीवा एक्सप्रेस की शुरुआत कई दिनों के बाद 28 अगस्त से, वेटिंग 160 के पार

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रक्षाबंधन पर्व से पहले निरस्त हो रही ट्रेनें बढ़ा रही यात्रियों की परेशानी

रक्षाबंधन पर्व से पहले निरस्त हो रही ट्रेनें बढ़ा रही यात्रियों की परेशानी

देवास. रक्षाबंधन पर्व पांच दिनों के बाद मनाया जाएगा। पर्व के चलते अधिकांश ट्रेनों में यात्रियों का दबाव बढ़ गया है। एक ओर जहां कई रूटों पर स्लीपर सहित थर्ड, सेकंड एसी में लंबी वेटिंग चल रही है वहीं सामान्य डिब्बों में खड़े होकर सफर करना पड़ रहा है। इन स्थितियों के बीच आए दिन ट्रेनों को निरस्त किया जा रहा है जिससे परेशानी और बढ़ रही है। इंदौर-सिवनी एक्सप्रेस जहां अगले कुछ दिन नहीं चलेगी वहीं लंबे समय से बंद डॉ. अंबेडकरनगर-रीवा एक्सप्रेस 28 अगस्त से शुरू होगी, इस दिन स्लीपर श्रेणी में वेटिंग 160 के पार चल रही है।

25 व 26 को नहीं चलेगी इंदौर-सिवनी पंचवेली एक्सप्रेस

जबलपुर मंडल के इटारसी-भोपाल सेक्शन में इंजीनियरिंग कार्य के लिए ब्लॉक लिया गया है। इसके कारण इंदौर-सिवनी के बीच प्रतिदिन चलने वाली पंचवेली एक्सप्र्रेस 25 व 26 अगस्त को इंदौर से नहीं चलेगी। यह ट्रेन 23 अगस्त को भी निरस्त थी। उधर सिवनी से यह ट्रेन 24 अगस्त को नहीं रवाना हुई। इसके अलावा 26 व 27 अगस्त को भी निरस्त रहेगी। गौरतलब है कि यह फास्ट पैसेंजर ट्रेन है। कम समय में अधिक स्टेशन कवर करने व किराया कम होने के कारण बड़ी संख्या में इसमें यात्री सफर करते हैं। यह ट्रेन निरस्त होने से देवास के सैकड़ों यात्रियों की दिक्कत बढ़ गई है।

कई यात्री रेलवे स्टेशन पहुंचकर लौट रहे

रिजर्वेशन करवाकर यात्रा करने वालों को तो रेलवे द्वारा मैसेज कर ट्रेन निरस्त होने की जानकारी दी जा रही है लेकिन सामान्य श्रेणी में यात्रा करने वाले कई यात्रियों को ट्रेन निरस्त होने की जानकारी नहीं रहती और जब वो रेलवे स्टेशन पर पहुंचते हैं तो निराश होकर लौटना पड़ रहा है। यात्री मुकेश चौधरी ने बताया भोपाल जाने के लिए वो बुधवार को पंचवेली एक्सप्रेस पकडऩे के लिए गए थे लेकिन पता चला कि ट्रेन निरस्त है। इसके बाद इंदौर-पटना का टिकट लिया, इस यह ट्रेन भोपाल नहीं जाती, बैरागढ़ से मुड़ जाती है। बैरागढ़ से ऑटो रिक्शा पकडक़र भोपाल शहर पहुंचा।

पहले से तय होते हैं रेलवे के काम, पर्व का रखना था ध्यान

महिला यात्री सुशीला वर्मा ने कहा रेलवे के पटरी व अन्य ऐसे कार्य जिनमें ब्लॉक लिया जाता है वो पहले से तय रहता है। ऐसे में यह काम पर्वों के आसपास नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे यात्रियों को दिक्कतें उठाना पड़ती हैंं। कुछ तो अन्य ट्रेनों के सहारे निकल जाते हैं लेकिन अधिकांश को बस से सफर करना पड़ता है जो ट्रेन की तुलना में करीब तीन से चार गुना महंगा पड़ता है।