RES दफ्तर में नोट लहराकर जनपद उपाध्यक्ष ने मांगा पानी, जमकर हंगामा

उपाध्यक्ष का आरोप- बिना रिश्वत लिए नहीं करते हैं आरईएस वाले कोई काम, गर्मी शुरू हुई और पानी को लेकर रार शुरू

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Apr 01, 2016
furore in RES office
देवास.
ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा (आरईएस) के दफ्तर में शुक्रवार शाम को खासा हंगामा हो गया।


पंचायतों में पानी की कमी का हवाला देकर देवास जनपद उपाध्यक्ष राजेंद्रसिंह बैस ने खुलेआम नोट लहराकर पानी की व्यवस्था करने की मांग की और जमकर हंगामा किया। उन्होंने विभाग के कर्मचारियों व अफसरों पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाए।


पंचायतों में पानी की किल्लत और लोगों की शिकायतों से नाराज जनपद उपाध्यक्ष बैस शाम करीब 5.30 बजे आरईएस दफ्तर पहुंचे। उन्होंने कार्यपालन यंत्री के बारे में पूछा, लेकिन वे नहीं मिले। इसके बाद बैस जहां भी गए वहां उन्हें ठीक से जानकारी नहीं मिली। इस पर वह हंगामा करने लगे। बुरी तरह से बौखलाए उपाध्यक्ष ने सामूहिक रूप से गाली-गलौज शुरू कर दी। उन्होंने जेब से 10 हजार रुपए निकाले और लहराते हुए एक अफसर की मेज पर पटक दिए। उपाध्यक्ष का आरोप है कि विभाग में बिना रिश्वत के कोई काम नहीं किया जाता है। मेरे जनपद की 96 पंचायतों में पानी की समस्या है। समस्या लेकर जाओ तो कोई अफसर सुनता नहीं और न ही मौके पर मिलता है। कोई इंदौर होता है तो कोई भोपाल। आखिर गर्मी आ रही है तो पंचायतों में पानी की व्यवस्था कौन करेगा। 3 अप्रैल से बड़ी चुरलाई में मेला लग रहा है, वहां पर दो दिन में डेढ़ लाख लोग आएंगे। ऐसे में वहां पर पानी की व्यवस्था कैसे होगी। पंचायत सचिव व सरपंच बगैर इंजीनियर की अनुमति के कोई काम नहीं करते हैं।


पुलिस ने दर्ज किया मामला

आरईएस के कार्यपालन यंत्री बीएस सोलंकी ने दफ्तर में जाकर हंगामा व गाली-गलौज करने पर जनपद उपाध्यक्ष के खिलाफ कोतवाली में शिकायती आवेदन दिया है। उन्होंने पुलिस में आवेदन देकर कहा है कि जनपद उपाध्यक्ष ने दफ्तर में अनावश्यक हंगामा किया और गाली-गलौज की। दफ्तर में महिलाएं भी काम करती हैं, सारे लोग सहम गए थे। ऐसी स्थिति में हमारे लिए काम करना मुश्किल हो जाएगा। पुलिस ने बैस के खिलाफ गाली-गलौज के मामले में केस दर्ज किया है।



जनपद उपाध्यक्ष ने भी कोतवाली में की शिकायत

उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह बैस ने कोतवाली में आरईएस की शिकायत के जवाब में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आवेदन में आरईएस के अधिकारियों पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाए हैं। बैस ने बताया कि पानी की समस्या को पूरा करने के लिए होने वाले निर्माण कार्यों पाइप लाइन और खुदाई आदि कार्यों के लिए तकनीकी स्वीकृति देने के बदले आरईएस के अधिकारी रिश्वत मांगते हैं। कोई काम नहीं करना चाहते।



दफ्तर में जनपद उपाध्यक्ष ने हंगामा किया और गाली-गलौज की। मैं ऑफिस में मौजूद नहीं था। इस तरह की अभद्रता होगी तो काम करना मुश्किल हो जाएगा। कर्मचारियों ने पंचनामा बनाकर दिया है। हमने कोतवाली में शिकायत कर दी है।

-बीएस सोलंकी, कार्यपालन यंत्री, आरईएस

Published on:
01 Apr 2016 11:45 pm
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