-संगठन के लोग नाराज थे, सर्वे में भी पिछड़े
देवास। भाजपा ने शनिवार को प्रत्याशियों की सूची जारी कि इसमें बागली के मौजूदा विधायक पहाड़सिंह कन्नौजे का नाम कट गया। कन्नौजे का टिकट कटना पूर्व से ही तय माना जा रहा था। इस बार संगठन भी उनके पक्ष में नजर नहीं आ रहा था। सूत्रों की माने तो भाजपा संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता विधायक से नाराज थे। कन्नौजे कार्यकर्ताओं व संगठन को महत्व नहीं दे रहे थे। इसके अलावा विधायक की कार्यप्रणाली से भी लोग खफा थे। कुछ मामलों में विधायक पर अंगुलियां उठी भी थी। उधर सबसे महत्वपूर्ण भाजपा का सर्वे रहा जिसमें विधायक की रिपोर्ट सही नहीं आई थी। इन्हीं सभी कारणों के चलते कन्नौजे का टिकट काटा गया। भाजपा ने यहां एकदम नया चेहरा मैदान में उतारा है।
पुलिस की नौकरी छोड़ बने थे विधायक
कन्नौजे विधायक बनने से पहले पुलिस विभाग में डीएसपी थे। नौकरी से इस्तीफा देने के बाद भाजपा ने उन्हें बागली से 2018 में चुनाव लड़ाया और इसमें कन्नौजे विजयी रहे थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कमल वास्कले को 11843 मतों से हराया था।
दीपक जोशी के खिलाफ की थी नारेबाजी
उल्लेखनीय है कि 2018 में कन्नौजे को टिकट दिलाने में भाजपा के पूर्व मंत्री व वर्तमान में कांग्रेस नेता दीपक जोशी की अहम भूमिका रही थी। शुरुआत में कन्नौजे भी जोशी के साथ ही नजर आते थे। इसके बाद उन्होंने जोशी से भी दूरी बना ली थी। पिछले साल हुए नगर परिषद चुनाव के परिणाम के दिन कन्नौजे ने बागली में जोशी के खिलाफ नारेबाजी की थी।