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VIDEO बिना निगम अनुमति चला रहे थे मेला, मौके पर पहुंचे अधिकारी और कर दी बत्ती गुल

ननि से एनओसी लिए बिना कई दिनों से चल रहे मेले..निगम प्रशासन को पता ही नहीं

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देवास. विवादों से घिरा रहने वाला नगर निगम अपना ढर्रा नहीं सुधार पा रहा है। हालात ऐसे हैं कि नगरीय सीमा में नगर निगम से अनुमति लिए बगैर मेले संचालित हो रहे हैं। कई दिन बीत जाने के बाद भी नगर निगम को ये लापरवाही नजर नहीं आई। सोमवार को जब शिकायत हुई तो निगम अफसर जागे और मेला संचालकों पर कार्रवाई की बात कही। कहा तो यह भी कहा कि नगर निगम अधिकारियों कर्मचारियों को पूरी जानकारी थी लेकिन कार्रवाई से मुंह मोड़ा जा रहा था।

मामला एबी रोड किनारे चल रहे मेलो का है। सोमवार शाम को वार्ड 42 के पार्षद अर्जुन चौधरी को किसी ने शिकायत की कि एबी रोड चल रहे मेलो में सुरक्षा के इंतजाम नहीं है। पार्किंग के नाम पर शुल्क वसूला जा रहा है। इस पर निगम अधिकारियों के पास पहुंचकर शिकायत की। उनसे पूछा कि इसकी परमिशन दिखाओ। निगम अफसर परमिशन नहीं दिखा सके और कहा कि बिना एनओसी लिए ही मेले संचालित हो रहे हैं। बाद में मेला स्थल पहुंचे और विद्युत कनेक्शन काटा। पार्किंग बंद करवाई। चौधरी ने कहा कि निगम अमले को पहले से पूरी जानकारी थी बावजूद इसके कार्रवाई नहीं की गई। निगम की मिलीभगत से ही सब हो रहा था। संचालकों ने न आग बुझाने के इंतजाम किए हैं न ही सुरक्षा के दूसरे इंतजाम थे। ऐसे में हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन होगा।

अब तक क्यों चुप रहा निगम प्रशासन

सवाल यह उठ रहे हैं कि मेले एक या दो दिन से नहीं बल्कि करीब २० दिन से चल रहे हैं लेकिन निगम प्रशासन को नजर नहीं आया। संपत्ति कर व जलकर के लिए नागरिकों को परेशान करने वाले निगम अफसरों को अपनी चूक नहीं ंदिखी। इतना ही नहीं सोमवार को जब कार्रवाई के लिए निगम अफसर पहुंचे तो निगम के स्वास्थ्य अधिकारी आरएस केलकर कहने लगे कि मैं मोबाइल बंद कर रहा हूं। अपर आयुक्त ने कहा कि बंद क्यों रहे हो तो केलकर कहने लगे कि कई लोग मुझे फोन कर दबाव बनाएंगे इसलिए मोबाइल बंद कर रहा हूं।

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नगर निगम की एनओसी नहीं थी

इस मामले में निगम के अपर आयुक्त आरपी श्रीवास्तव ने कहा कि शिकायत मिलने पर कमिश्नर ने वाट्सएप किया था। इस पर मौके पर पहुंचे थे। संचालक से अनुमति दिखाने को कहा। उसने एसडीएम की अनुमति दिखाई। उसके पास नगर निगम की एनओसी नहीं थी। फायर एनओसी, भूमि शुल्क आदि की एनओसी नगर निगम से लेनी पड़ती है जो नहीं ली गई थी। फील्ड में घूमने वालों को यह देखना चाहिए। ननि का शुल्क जमा करना पड़ेगा। एनओसी लेना पड़ेगी। वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।