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देवास. निजी स्कूलों में गरीब बच्चों को आरटीई के तहत प्रवेश के लिए इन दिनों ऑनलाइन दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। देवास ब्लॉक अंतर्गत आने वाले स्कूलों में प्रवेश के लिए सत्यापन का कार्य हायर सेकंडरी बड़ी चिमनाबाई स्कूल में किया जा रहा है। सोमवार से शुरू हुए सत्यापन कार्य में दो दिन तो अव्यवस्थाओं के चलते चौपट हो गए। मंगलवार को बदइंतजामी में जब पोल खुली तो बुधवार से नई व्यवस्था कर आने वाले पालकों को राहत दी गई। मंगलवार को भीड़ के कारण एक मात्र हाल में अफरा तफरी की स्थिति बन गई थी, सभी नोडल अधिकारियों को एक साथ बैठा दिए जाने से पालक असमंजस में उलझ गए थे।
बुधवार को पुरानी गलती को सुधारते हुए चिमनाबाई स्कूल के अलग-अलग 9 कक्षों में नोडल अधिकारियों को बैठाया गया व सुबह 9 बजे से ही दस्तावेजों का सत्यापन कार्य शुरू कर दिया गया जो शाम 5 बजे तक चला। हालाकि कई पालकों को समय की जानकारी दोपहर 2 बजे की ही थी जिसके कारण वे दोपहर बाद ही आए। लेकिन दिनभर भीड़ जैसी स्थिति नहीं बनी। अलग-अलग कक्ष में नोडल अधिकारियों के बैठने से पालकों ने राहत की सांस ली व मुद्दा उठाने के लिए पत्रिका का आभार माना।
3738 स्कूलों में मिलेगा प्रवेश
देवास ब्लॉक के 3738 स्कूलों के लिए सत्यापन कार्य 25 जुलाई तक चलेगा। हालाकि मौके पर उपस्थिति अधिकारियों ने कहा कि पोर्टल अगर चालू रहता है तो फिर 30 जुलाई तक भी आने वाले दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। किसी को भी खाली नहीं जाने दिया जाएगा। इस बार देवास ब्लॉक में आरटीई अंतर्गत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए 4444 आवेदन आए हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि तय समय में सभी के दस्तावेजों का सत्यापन बिना परेशानी के हो जाएगा। बुधवार को 60 से अधिक दस्तावेजों का सत्यापन कार्य पूरा किया गया। गौरतलब है कि एक साथ सत्यापन के लिए मंगलवार के दिन पालकों को बुला लिया था। संख्या अधिक होने पर व्यवस्थाएं बिगड़ गई थी। आरटीई में प्रवेश लेने के लिए गरीब बच्चों को माता-पिता काफी दिनों से इंतजार कर रहे हैं
Published on:
19 Jul 2018 11:44 am
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