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देवास/चिड़ावद. नांदेल तक करीब सात किमी का कच्चा मार्ग तहसील टोंकखुर्द से आठ गांवों को जोड़ता है। इस मार्ग पर ग्राम मद्दूखेड़ी से फतनपुर फाटा तीन किमी के हिस्से में वर्ष 2014 मे तत्कालीन सांसद सज्जनसिंह वर्मा के प्रयास से ३९ लाख २६ हजार रु. के ग्रेवल मार्ग के लिए मंजूर हुए थे। इस मार्ग का निर्माण मार्च 2014 में पूर्ण होना था, किंतु चार साल के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। निर्माण एजेंसी ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा शुरूआत में थोड़ा बहुत कार्य किया था, जिसके बाद से कार्य अधुरा पड़ा है। शासन द्वारा सड़क निर्माण के लिए, जो राशि स्वीकृत हुई थी, उसका आधा कार्य भी नहीं हुआ है।
निर्माण कार्य पूरा करने की बात करने पर निर्माण एजेंसी निर्माण कार्य पूरा नहीं करने के तमाम बहाने बनाती रहती है। कभी वो पर्याप्त मात्रा में जाब कार्ड धारकों की कमी का बहाना बनाते हैं तो कभी राशि का, जबकि यदि जाब कार्ड धारकों की बात की जाए तो मार्ग से जुड़ी पंचायतों में निर्माण कार्य में लगने वाले जरूरत के मुताबिक पर्याप्त जाब कार्डधारी उपलब्ध हैं। जनप्रतिनिधी और जबावदारो की उदासीनता के चलते इस मार्ग से जुड़े गांवों के लोगों को परेशानी उठाना पड़ती है। जपं तहसील व अन्य कार्य के लिए जहां ग्रामीणों को अधिक दूरी तय करके अन्य रास्तों से टोंकखुर्द जाना पड़ता है, वहीं सबसे ज्यादा परेशानी नांदेल, फतनपुर गांव के स्कूली बच्चों को होती, जो पढ़ाई के लिए रोजाना इसी रास्ते से टोंकखुर्द जाते हैं। सड़क खराब होने से पांच किमी तक प्रतिदिन पैदल ही टोंकखुर्द स्कूल आना पड़ता है। मद्दूखेड़ी गांव के शासकीय प्राथमिक शाला में पढऩे वाले छोटे बच्चे भी इस कीचड़ भरे रास्ते से तकलीफ उठाते हुए स्कूल जाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग की है।
मानकुंड से पोनासा फाटा तक की सड़क जर्जर
हाटपीपल्या. समीप के ग्राम मानकुंड से पोनासा फाटा तक का रोड बरसों पहले आरईएस विभाग द्वारा बनाई थी। रोड पर मुरम डाली थी, जिसके बाद से अभी तक किसी का ध्यान इस ओर नहीं गया। सड़क में जगह-जगह गड्ढे होनेे से वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वाहनों के निकलने के अलावा पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। स्कूल जाने वाले बच्चों को कीचड़ से होकर जाना पड़ रहा है। इस मार्ग पर वाहन सड़क पर लहराते हुए निकलते हैं। यह मार्ग सीधा सोनकच्छ की ओर निकलता है। इस मार्ग पर ग्राम बोरखेड़ा, घट्टियाग्यासुर, मुरादपुर, सिंगावदा, पोनासा आदि गांव के लोग प्रतिदिन निकलते हैं। ग्रामीणों ने अधिकारी व जनप्रतिनिधियों से जल्द सड़क निर्माण की मांग की है।
फोटो १३१९
Published on:
13 Jul 2018 12:31 pm
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