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खरपतवार नाशक दवाई से सूख रही सोयाबीन की फसल

- 25 एकड़ में की थी बोवनी

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कुसमानिया. ग्राम कुसमानिया के एक किसान के खेत में खरपतवार नाशक दवाई का विपरीत प्रभाव होने से 25 एकड़ में बोई हुई सोयाबीन की फसल पर संकट के बादल मंडरा रहे है। किसान ने फसल के बीच उगे अनावश्यक पौधों को सुखाने के लिए दवाई का स्प्रे किया, लेकिन खरपतवार नाशक दवाई खरपतवार पर असर न करते हुए सोयाबीन के पौधे पर असर कर गई जिससे किसान चिंतित है। फसल खराब होने की सूचना किसान द्वारा कृषि विभाग के अधिकारियों को दी। किसान हरिनारायण परमार ने बताया कि करीब 5 दिन पहले खरपतवारों पर नियंत्रण के लिए खरपतवार नाशक दवाई का स्प्रे किया। जिसमें खरपतवार की बजाय सोयाबीन की फसल सूखने लगी। फसल की बिगड़ती स्थिति देख चिंता हुई और मैंने कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर सलाह ली तो उन्होंने बताया कि दवाई के दुष्परिणाम से फसल खराब होने लगी है। इसमें 3 या 4 दिन तक शकर और ग्लूकोज का स्प्रे करे जिससे जो पौधा नहीं सूखा है। वह पुन: सामान्य अवस्था में हो जाएगा।
वर्जन- किसान से सूचना मिलने पर खेत में जाकर देखा तो खरपतवार नाशक दवाई का रिएक्शन दिखा। किसान को शकर और ग्लूकोज का स्प्रे करने की सलाह दी है। जिससे फसल पुन: अपनी सामान्य अवस्था में आ जाए।दरअसल दवाई बेचने वाली दुकानों की जांच कृषि विभाग नहीं कर रहा है। जिसके चलते कई दुकानों पर अमानक दवाईयां भी बेची जा रही है। अमानक दवाओं से किसानों को लाखों रुपए का नुकसान हो रहा है।
आरएस मर्सकोले
वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी कन्नौद
खरपतवार से परेशान किसान
भौंरासा. किसान सोयाबीन फसल की बोवनी के बाद बारिश का इंतजार कर रहा है। पिछले दो दिनों से बारिश में फिर से कुछ ठहराव आ गया है। किसानों का कहना है कि बारिश की लंबी खेंच से सोयाबीन की फसल में बीमारी लगने लग जाती है। अभी खरपतवार से निपटने के लिए दवाई का छिड़काव कर रहे है।