
नगर निगम की माली हालत खस्ता, कर्मचारियों को वेतन के लाले पड़े
देवास. नगर निगम की माली हालत इन दिनों काफी खराब है। हालात यह है कि कर्मचारियों को पूरा वेतन ही नहीं मिल सका है। ऐसे में कर्मचारी आर्थिंक तंगी से जूझ रहे हैं। इस माह केवल दो विभागों के ही कर्मचारियों को पूरा वेतन मिला है। वहीं करीब 250 से ज्यादा कर्मचारी ऐसे हैं जिन्हें वेतन के नाम पर केवल 10-10 हजार रुपए दिए गए। बाकी वेतन अभी तक उन्हें नहीं मिल सका है। उधर वित्तीय हालत सुधारने के लिए अब नगर निगम बकाया करों की वसूली पर जोर दे रहा है।
त्योहार के चलते दिए 10-10 हजार
सूत्रों के अनुसार नगर निगम द्वारा इस माह केवल सफाई व जलप्रदाय के कर्मचारियों को ही पूरा वेतन दिया गया था। इसमें स्थायी, दैवेभो कर्मचारी शामिल थे। इसके अलावा राजस्व, सामान्य शाखा के कई स्थायी कर्मचारियों को पूरा वेतन नहीं मिल सका था। अफसरों से लेकर निचले स्तर तक के कर्मचारियों को त्योहार के चलते केवल 10-10 हजार रुपए दिए गए थे। इसके बाद अभी तक उन कर्मचारियों का बकाया वेतन उन्हें नहीं मिला है। कई कर्मचारियों का कहना है कि जो 10 हजार मिले थे वो तो किश्तों में ही खत्म हो गए। ऐसे में कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी उठानी पड़ रही है। सूत्रों की माने तो निगमायुक्त, उपायुक्त सहित अन्य अफसरों को भी इस बार वेतन पूरा नहीं मिला है।
65 लाख का भुगतान बाकी
जानकारी के अनुसार भृत्य, सहायक ग्रेड-1, 2, 3, तकनीकी यंत्री सहित अन्य स्थायी कर्मचारियों को मिलाकर करीब 250 से ज्यादा कर्मचारियों को वेतन का भुगतान होना है। यह राशि करीब 65 लाख रुपए के आसपास है। समय से वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों में आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है।
वसूली पर जोर
उधर माली हालत सुधारने के लिए अब नगर निगम ने बकाया करों की वसूली पर जाेर देना शुरू कर दिया है। हाल ही में निगमायुक्त रजनीश कसेरा ने बैठक लेकर राजस्व अमले को संपत्तिकर, जलकर, यूजर चार्जेस सहित अन्य बकाया राशि की वसूली पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अमले द्वारा वार्डवार बकायादारों को बिल भेजे जा रहे हैं। वहीं 9 दिसंबर को होने वाली नेशनल लोक अदालत में ज्यादा से ज्यादा बकाया की वसूली हो इसके लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
दो कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई
वसूली की कार्रवाई में लापरवाही करने पर नगर निगम द्वारा कार्रवाई भी की जा रही है। जानकारी के अनुसार राजस्व विभाग के दो कर्मचारियों को वसूली नहीं करने पर उपायुक्त के प्रस्ताव पर निगमायुक्त ने निलंबित किया है। उधर कर्मचारियों के निलंबन के बाद राजस्व कर्मचारियों की नाराजगी भी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार कर्मचारी इस संबंध में अफसरों से भी मिले और अपनी बात रखी।
-वेतन का भुगतान किया गया है। बकाया करों की वसूली के लिए अभियान शुरू किया है। 9 दिसंबर को लोक अदालत में ज्यादा से ज्यादा वसूली हो इसके लिए भी प्रयास कर रहे हैं। लोगों से भी अपील कर रहे हैं कि अपने बकाया करों का भुगतान लोक अदालत में करें। कार्य नहीं करने पर उपायुक्त के प्रस्ताव पर दो कर्मचारियों को निलंबित किया है।-रजनीश कसेरा, निगमायुक्त
Published on:
02 Dec 2023 12:44 am
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