18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पोला में आया था घर, पत्नी को मायके छोड़कर पहुंचा था ड्यूटी में.. फिर खुद को गोली मारकर कर ली आत्महत्या

CAF Jawan Suicide : सर्विस रिवाल्वर से खुद को गोली मारकर (CG Suicide case) आत्महत्या कर ली। इस घटना से गांव में शोक की लहर छा गई है...

2 min read
Google source verification
dhamtari_caf_jawan_.jpg

धमतरी. CAF Jawan Suicide : मिलनसार और हंसमुख सीएएफ के जवान चन्द्रशेखर यादव (36) पोला त्यौहार में घर आया था। शनिवार को पत्नी को तीजा में मायके छोड़ने के बाद ड्यूटी ज्वाइन करने हल्बा चौकी पहुंचा। इस बीच ऐसी क्या बात हुई कि उसने सर्विस रिवाल्वर से खुद को गोली मारकर (CG Suicide case) आत्महत्या कर ली। इस घटना से गांव में शोक की लहर छा गई है।

CAF Jawan Suicide : यह मामला रूद्री थानांतर्गत ग्राम सोरम का है। मिली जानकारी के अनुसार गांव में स्व. मेहतरू राम यादव और गणेशिया बाई का मंझला पुत्र सीएएफ जवान चन्द्रशेखर यादव कांकेर जिले के हल्बा चौकी (चारामा) में पदस्थ था। महीनेभर पहले ही उसकी पोस्टिंग यहां हुई थी। पोला त्यौहार में वह छुट्टी पर तीन दिनों के लिए घर आया था। पोला त्यौहार मनाने के बाद शनिवार को चन्द्रशेखर अपनी पत्नी पूर्णिमा को तीजा मनाने के लिए मायके तार्रीघाट (पाटन) छोड़कर आया। इसके बाद वह ड्यूटी ज्वाइन करने हल्बा चौकी चला गया।

संतरी ड्यूटी में वह तैनात था, इस बीच अचानक ऐसी क्या बात हो गई कि रात करीब 11 बजे उसने अपनी सर्विस रिवाल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली की आवाज सुनकर चौकी परिसर तैनात जवान दौड़ेे चले आए। पास आकर देखा तो जवान चन्द्रशेखर यादव की मौत हो गई थी। तत्काल सीएएफ के अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद हल्बा पुलिस ने धमतरी पुलिस से संपर्क कर रूद्री थाना के जरिए इसकी सूचना ग्राम सोरम में परिजनों को दी।

CAF Jawan Suicide : सुबह यह खबर जैसे ही गांव में फैली तो शोक की लहर दौड़ गई। लोग उसके घर के पास एकत्रित हो गए। उल्लेखनीय है कि जवान चन्द्रशेखर पोला त्यौहार मनाने के लिए घर आया था। इस दौरान उसने अपने मित्रों और परिजनों से खुलकर बात भी की। ठीक इसके दो दिन बाद उसकी मौत की खबर ने परिजन और उसके दोस्तों को झकझोर दिया है। पत्नी पूर्णिमा बाई और बुजुर्ग मां गणेशिया बाई (68) का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। गमजदा परिजनों के आंखों से आंसू रूकने का नाम नहीं ले रहा है।


तीन भाइयों में था मंझला

मृतक चन्द्रशेखर का दो पुत्र देवम (5) और हेयांश (3) है। तीन भाईयों में वह मंझला था। बड़ा भाई लक्ष्मी नारायण यादव और छोटा भाई कौशल यादव है। तीनों का परिवार गांव में अलग-अलग मकानों में रहता है। चारामा में पोस्टमार्टम के बाद देर शाम को सीएएफ के जवानों की टीम उसका शव लेकर गांव पहुंची तो उसे अंतिम बार देखने के लिए ग्रामीण उमड़ पडे़।