
धमतरी. प्लास्टिक चावल का वीडियो सोशल मीडिया में जारी होने के बाद छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों से प्लास्टिक चावल मिलने की शिकायतें पायी गई। वहीं धमतरी जिले में भी एक राशन दुकान में नकली चावल मिलने का मामला सामने आया है। महिला की शिकायत पर जिला खाद्य औषधि प्रसाधन विभाग ने चावल का सेम्पल लेकर जांच शुरू कर दी है।
यह मामला टिकरापारा राशन दुकान का है। शुक्रवार को राशन दुकान के पास रहने वाली एक महिला ने शिकायत की थी कि राशन दुकान से मिले चावल की क्वालिटी खराब है। चावल के आट से रोटी बनाकर खाने पर पेट खराब हो रहा है। साथ ही बेचैनी और उल्टी लगती है। उसने तत्काल इसकी शिकायत राशन दुकान संचालक लीलाराम सिन्हा से की।
जनसुरक्षा को देखते हुए लोगों ने इसकी सूचना जिला खाद्य एवं औषधि प्रसाधन विभाग को भी सूचित किया, जिसके बाद तत्काल जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी एहसान तिग्गा, सहायक खाद्य सुरक्षा अधिकारी फणेश्वर पिथौरा और नमूना सहायक अरविंद पटेल उक्त राशन दुकान पहुंचे और जिस लॉट की बोरी से महिला को चावल वितरण किया गया था, उसका चार अलग-अलग सेम्पल एकत्र किया।
अधिकारियों ने यहां 5-5 सौ ग्राम का सेम्पल पैकेट बनाकर सील-मुहर लगाकर जांच के लिए इसे रायपुर के कालीबाड़ी स्थित राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में भेजने की बात कही है। विडंबना है कि यहां जिस चावल के आटे में यह शिकायत मिली थी, अधिकारियों ने उसका सेम्पल ही नहीं लिया। महज राशन दुकान से चावल सेम्पल लेकर चले गए। इसे लेकर वार्डवासियों में रोष है।
जलाकर देखी रोटी
हितग्राही महिला ने मीडिया कर्मियों के साथ उक्त चावल आटा की रोटी बनाकर दिखाया। आटा का घोल डालते ही तवा में रोटी बनने के बजाए सिकुड़ कर जलने लगी। इस रोटी का टुकड़़ा राशन दुकान में भी ले जाकर दिखाया गया। खुद खाद्य सुरक्षा अधिकारी तिग्गा ने इसे आग में जलाकर देखा, तो रोटी जलने लगी। बताया जा रहा है कि आटा में प्लास्टिक की मात्रा रहने के चलते रोटी जल गई। जबकि आमतौर पर चावल हो या गेंहू की रोटी नहीं जलती।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी एहसान तिग्गा ने कहा कि राशन दुकान से चावल की गुणवत्ता को लेकर शिकायत मिली थी। संबंधित महिला के घर से वापस चावल मंगाकर सेम्पल लिया गया है। जांच रिपोर्ट आते ही आगे की कार्रवाई होगी।
Published on:
11 Aug 2017 09:53 pm
बड़ी खबरें
View Allधमतरी
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
