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Dhamtari News: 44 सालों में धमतरी शहर का नहीं हुआ सीमा विस्तार

Dhamtari News: धमतरी शहर में अब विभिन्न शासकीय योजनाओं के लिए सरकारी जमीन की कमी पड़ने लगी है। शहरीय सीमा का विस्तार हुए 44 साल हो गए हैं। ऐसे में अब फिर से पास के कुछ गांवों को मिलाकर धमतरी की सीमा को बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही हैं।

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धमतरी

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Ashish Gupta

Jan 31, 2022

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Dhamtari News: 44 सालों में धमतरी शहर का नहीं हुआ सीमा विस्तार

धमतरी. Dhamtari News: करीब एक लाख की आबादी वाले धमतरी शहर में अब विभिन्न शासकीय योजनाओं के लिए सरकारी जमीन की कमी पड़ने लगी है। शहरीय सीमा का विस्तार हुए 44 साल हो गए हैं। ऐसे में अब फिर से पास के कुछ गांवों को मिलाकर धमतरी की सीमा को बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही हैं।

उल्लेखनीय है कि धमतरी शहर का इतिहास करीब 141 साल पुराना है। पुरातन काल में रायपुर, रतनपुर और धमतरी तीन प्रमुख शहर थे। इनमें से रायपुर और धमतरी की आबादी करीब तीन-तीन हजार थी। बाद में रायपुर शहर ने विकास की जो रफ्तार पकड़ी तो कभी पीछे पलट कर नहीं देखा, लेकिन धमतरी में विकास की तमाम संभावनाएं मौजूद होने के बावजूद वह पिछड़ गया। करीब एक लाख की आबादी वाले इस शहर में कहने तो 40 वार्ड हैं, लेकिन यहां बड़ी योजनाओं के विकास के लिए जगह ही नहीं है।

यही कारण है कि धमतरी का पर्याप्त विकास नहीं हो पा रहा है। सालों बाद भी शहर की सड़केें चौड़ी नहीं हो सकी। आज भी धमतरी गलियों का शहर बनकर रह गया है। अब तो भविष्य की जरूरतों को देखते हुए विविध विकास कार्यों के लिए भी जगह की कमी महसूस होने लगी हैं। खासकर प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर, हाईटेक बस स्टैंड, मेडिकल कालेज, इंजीनियरिंग कालेज आदि बड़ी योजनाओं के लिए भी ढूंढे जमीन नहीं मिल रही। जिस जगह को चिन्हित किया गया है, वह शहरीय सीमा के बाहर है।

योजनाओं पर काम बाकी
गौरतलब है कि वर्ष-2014 में तत्कालीन नगर पालिका का उन्नयन कर 36 वार्डों को 40 वार्ड में वृद्धि करते हुए नए परिसीमन कर नगर निगम का गठन किया गया था। इसके पूर्व वर्ष-1976 में नगर पालिका में राज्य शासन ने शहर से लगे गांव सोरिद, बठेना, दानीटोला गांव, हटकेशर, गोकुलपुर आदि को शामिल कर शहरीय सीमा का विस्तार किया था। इन 4४ सालों में यहां अनेक विकास योजनाओं को मूर्तरूप दिया गया, इसके बावजूद अब भी कई ऐसी बड़ी योजनाएं हैं, जिनका काम अभी बाकी है।

6 वार्ड बढ़ जाएंगे
गौरतलब है कि तत्कालीन महापौर अर्चना चौबे के कार्यकाल में धमतरी शहर को स्मार्ट सिटी का लुक देने के लिए निकट के तीन ग्राम पंचायतों रत्नबाांधा, अर्जुनी और रूद्री को धमतरी में जोड़ने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। यदि ये तीनों गांव शहर में जुड़ जाते हैं, तो यहां 6 वार्ड और बढ़ जाते।

शहर की तरह मिलने लगेगी सुविधा
निगम सूत्रों के मुताबिक वर्तमान में ग्राम पंचायत अर्जुनी की आबादी करीब 3 हजार है। यहां कुल 20 वार्ड है। इसी तरह रत्नाबांधा की आबादी भी करीब 35 सौ है। यहां 14 वार्ड है। इन दोनों ग्राम पंचायतों से अर्जुनी बड़ा है। यहां की आबादी करीब 5 हजार तथा 20 वार्ड है। यदि ये तीनों गांव शहर से जुड़ जाते हैं, तो शहर की आबादी बढ़कर करीब 1 लाख 20 हजार तक पहुंच जाएगी। इसका फायदा यह होगा कि ग्रामीणों को शहर जैसी सुविधाएं मिलने लगेंगी। साथ ही निगम प्रशासन को यहां अनेक विकास योजनाओं को विस्तार करने के लिए जगह मिल जाएगी।

क्या कहते हैं लोग
भाजपा अध्यक्ष शशि पवार ने कहा, नगर निगम प्रशासन की ओर से हर साल अपने बजट में गोकुल नगर, हाईटेक बस स्टैंड, ट्रांसपोर्ट नगर, औद्योगिक नगर जैसी जनकल्याणकारी योजनाएं बनाई जाती है, लेकिन जगह के अभाव में ये योजनाएं जमीन पर नहीं उतर पाती। ऐसे में वक्त की नजाकत को देखते हुए धमतरी शहर का सीमा विस्तार किया जाना चाहिए।

कांग्रेस अध्यक्ष शरद लोहाना ने कहा, धमतरी शहर में श्रम और जल की पर्याप्त उपलब्धता के कारण जनसंख्या लगातार बढ़ते जा रही है। यहां आसपास के जिलों के अलावा दूसरे प्रांतों से आकर भी लोग बसने लगे है। जनसुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी निगम प्रशासन पर है। यह तभी संभव होगा, जब निगम क्षेत्र की सीमा का विस्तार होगा।

महापौर विजय देवांगन ने कहा, शहर में विकास कार्यों को गति देने के लिए जगह की कमी पड़ रही है। इसे देखते हुए आसपास के कुछ गांवों को शहरीय सीमा में जोड़ा जाएगा। अधिकारियों को इसके लिए प्रस्ताव बनाने का निर्देश दिया गया है। आम सहमति बनाकर सीमा विस्तार किया जाएगा।

(अब्दुल रज्जाक रिजवी की रिपोर्ट)