तत्काल मकान मालकिन ने आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी और लोगों की मदद से महिला और बेटे को नगरी अस्पताल पहुंचा, जहां महिला को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। प्रतीक की हालत भी नाजुक थी, जिसे डाक्टरों ने धमतरी रिफर कर दिया। बच्चे की हालत को देखते हुए समाजसेवी युवक सन्नी जैन और जब्बार मोहम्मद एम्बुलेंस से उसे बठेना अस्पताल लेकर आए। यहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। उल्लेखनीय है कि महिला और उसके छोटे बेटे के शरीर में चोट, खरोंच के निशान भी पाए गए। डेढ़ साल का बालक अभी मकान मालकिन के पास सुरक्षित है।