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गोकुलनगर योजना पर लगा ग्रहण, शहर से डेयरियों को हटाने के लिए संचालक नहीं आ रहे आगे, निगम प्रशासन की मुसीबत बढ़ी

Dhamtari News : गोकुलनगर में प्लाट खरीदने के लिए मई माह में टेंडर जारी कर आवेदन मंगाया गया था, लेकिन तीन माह बीतने के बाद भी सिर्फ ४ डेयरी संचालकों ने आवेदन किया है।

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गोकुलनगर योजना पर लगा ग्रहण, शहर से डेयरियों को हटाने के लिए संचालक नहीं आ रहे आगे, निगम प्रशासन की मुसीबत बढ़ी

गोकुलनगर योजना पर लगा ग्रहण, शहर से डेयरियों को हटाने के लिए संचालक नहीं आ रहे आगे, निगम प्रशासन की मुसीबत बढ़ी

धमतरी. गोकुलनगर में प्लाट खरीदने के लिए मई माह में टेंडर जारी कर आवेदन मंगाया गया था, लेकिन तीन माह बीतने के बाद भी सिर्फ ४ डेयरी संचालकों ने आवेदन किया है। समझाईश के बाद भी डेयरी संचालक अपनी जिद पर अड़े हुए हैं। ऐसे में गोकुलनगर योजना पर ग्रहण लग गया है।


डेयरी संचालकों की मांग पर निगम प्रशासन ने प्लाट दर आधा कर गोकुलनगर में बिजली, पानी समेत बुनियादी सुविधाओं का विस्तार कराने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा अन्य जरूरी कार्यों के लिए भी निगम प्रशासन ने अपनी सहमति प्रदान किया है। इसके बाद भी शहर के डेयरी संचालकों में गोकुलनगर में प्लाट खरीदने के लिए समन्वय नहीं बन पा रहा है।

दोबारा टेंडर जारी करने के बाद भी ५९ प्लाट की खरीदी करने के लिए सिर्फ ४ डेयरी संचालकों ने अपना आवेदन निगम प्रशासन को प्रस्तुत किया है। उधर डेयरी संचालकों का कहना है कि निगम प्रशासन की ओर से पूर्व में सोरम में ही १० रूपए प्रति फीट के हिसाब से जमीन उपलब्ध कराया गया था, लेकिन अब इसकी दर में वृद्धि कर दिया गया है। महंगाई बढऩे के साथ ही डेयरी का संचालन के लिए मवेशियों को दाना पानी खिलाने समेत उनके देख-रेख में ही अधिकांश राशि खर्च हो जाता है।

जबकि गोकुलनगर में डेयरी के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। यही वजह है कि डेयरी संचालक आवेदन करने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। ऐसे में यह गोकुलनगर की योजना खटाई में पड़ते नजर आ रही है। बहरहाल निगम प्रशासन की ओर से एक बार फिर डेयरी संचालकों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बाद भी यदि वे नहीं माने तो योजना को अमलीजामा पहनाना मुश्किल हो सकता है।


निगम प्रशासन हो रही असफल साबित


उधर शहर में डेयरी संचालित होने के चलते आज भी करीब दर्जन भर वार्डों में गंदगी देखने को मिल रही है। मवेशी सड़कों में यत्र-तत्र बैठे रहते हैं, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले दिनों दो मवेशियों के आपस में भिड़ंत होने से एक व्यक्ति बुरी तरह से घायल हो गया। बहरहाल निगम प्रशासन डेयरी संचालकों के बीच समन्वय बनाने में असफल साबित हो रही है।

सोरम में गोकुलनगर बसाने के लिए डेयरी संचालकों से आवेदन मंगाया गया है। अब तक सिर्फ ४ डेयरी संचालकों ने आवेदन किया है। अन्य डेयरी संचालकों को भी आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
हेमंत नेताम, प्रभारी राजस्व अधिकारी