
धमतरी. छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के आंदोलन पर राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया। राज्य सरकार ने बर्खास्त आंगनबाड़ी कार्यकताओं की जगह नई नियुक्तियां करने का आदेश जारी किया है।इस आदेश के बाद प्रदर्शन कर रही कार्यकर्ताओं में हड़कंप मच गया है। संगठन से जुड़ी नेताओं ने चेतावनी दी है कि उनके स्थान पर किसी को भी नियुक्त किया गया तो वे आत्मदाह कर लेंगी।
विभागीय सूत्रों के अनुसार अब तक 130 कार्यकर्ताओं की बर्खास्तगी हो चुकी है। अब शासन ने एक नया फरमान जारी कर दिया है, जिसके अंतर्गत बर्खास्त कार्यकर्ताओं की जगह नई भर्ती की जा रही है। महिला बाल विकास विभाग की जिला अधिकारी रेणु प्रकाश ने बताया कि मगरलोड के ग्राम करेली बड़ी, बोरसी, मोतिमपुर, मेघा, बुड़ेनी, बेलोरा समेत कुरूद, नगरी, धमतरी विकासखंड में ग्रामीण तथा शहरीय क्षेत्र में नई भर्ती के लिए आवेदन मंगाया गया है। इस बीच शासन-प्रशासन के लगातार दबाव से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर मानसिक तनाव भी काफी बढ़ गया है। गुरूवार को धरना स्थल पर कुछ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गश खाकर गिर गई।
संगठन की चुनेश्वरी साहू, महेश्वरी साहू, तृप्ति सेल्लार ने बताया कि नई भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने से मगरलोड की चार कार्यकर्ताओं की तबीयत अचानक खराब हो गई और उन्हें अस्पताल में इलाज के लिए भिजवाया गया। उनका आरोप है कि आंदोलन को समाप्त करने के लिए तानाशाहीपूर्ण तरीका अपनाया जा रहा है।
10 और लौटे माफीनामा देकर
प्रशासन की कड़ाई के चलते 108 आंगनबाड़ी, कार्यकर्ताओं के लौटने के बाद आज धमतरी ग्रामीण में 4, धमतरी शहर में 2 तथा मगरलोड में 4 कार्यकर्ताओं ने माफीनामा देकर काम पर लौट आई है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संघ की जिलाध्यक्ष रेवती वत्सल ने कहा कि शासन-प्रशासन उनकी जायज मांगों को पूरा करने के बजाए प्रताडि़त कर रहा है। जिन भी केन्द्रों में नई नियुक्ति होगी, वहां की कार्यकर्ता आत्मदाह कर लेगी। इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
Updated on:
30 Mar 2018 02:21 pm
Published on:
30 Mar 2018 01:29 pm
