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कोरोना के डर से पोल्ट्री उद्योग चौपट, संकट से उभारने व्यवसायियों ने प्रशासन से मांगी मदद

पोल्ट्री व्यवसाय को संकट से उभारने के लिए पोल्ट्री व्यवसायियों ने प्रशासन से मदद मांगी है।

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कोरोना के डर से पोल्ट्री उद्योग चौपट, संकट से उभारने व्यवसायियों ने प्रशासन से मांगी मदद

कोरोना के डर से पोल्ट्री उद्योग चौपट, संकट से उभारने व्यवसायियों ने प्रशासन से मांगी मदद

धमतरी. पोल्ट्री व्यवसाय को संकट से उभारने के लिए पोल्ट्री व्यवसायियों ने प्रशासन से मदद मांगी है। पोल्ट्री व्यवसायी शकील अहमद, संजीव यादव, शमीम कुरैशी, अशोक सिन्हा, महिपाल सोनी, शेखर सिन्हा, हमीद खान, खालिद रिजवी, अशोक चारवानी, असलम खान, हीरा सोनकर, सोहन चक्रधारी, जावेद उमर, अनिल कामरानी ने बताया कि चीन में फैले कोरोना वायरस का चिकन (ब्रायलर, मुगा) में होने का दुष्प्रचार सोशल मीडिया में करने के कारण आज पोल्ट्री का व्यापार पूरे देश में बंद होने के कगार में है। जिससे हमारा धमतरी जिला भी अछूता नही है।

जिले में आज छोटे बड़े लगभग 100 से ज्यादा पोल्ट्रीफार्म है और लगभग सभी पोल्ट्री किसान बैंक से करोड़ों रूपये का लोन लेकर व्यवसाय कर रहे है। पोल्ट्री फार्मिंग से लगभग सैकडों परिवारों को सहज रूप से रोजगार मिल रहा है। लेकिन इस तरह के अफवाह के कारण पोल्ट्री किसानों को हर रोज लाखों रूपये का नुकसान हो रहा है।

जबकि केन्द्र और राज्य सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कोरोना वायरस का चिकन(ब्रायलर मुगा) से कोई लेना देना नही है। मांग की कि पोल्ट्री व्यवसाय को बचाने एवं सैकड़ों लोगों के रोजगार को बचाने के लिए शासन स्तर पर गांवों के कोटवारों के माध्यम से गांवों में मुनादी करवाने एवं सोशल मीडिया में इस तरह के अफवाह कुछ लोगों के द्वारा फैलाया जा रहा है उन पर भी सख्त कार्यवाही करने की मांग की।

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