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CG News: शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में सर्जरी हुई बंद, डॉक्टर छोड़ रहे नौकरी, मरीज हो रहे परेशान

CG News: धमतरी सहित आसपास से पहुंच रहे 5 जिलों के मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। गंभीर बीमारी, या सर्जरी लायक मरीजों को जिला अस्पताल आने के बाद रेफर करना पड़ रहा है।
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धमतरी

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Love Sonkar

Sep 12, 2025

CG News: शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में सर्जरी हुई बंद, डॉक्टर छोड़ रहे नौकरी, मरीज हो रहे परेशान

धमतरी. जिला अस्पताल पहुंच रहे लोग हो रहे परेशान (Photo Patrika)

CG News: धमतरी जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में डाक्टरों की कमी से मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। मेजर सर्जरी बंद हो गई है। सिर्फ प्लास्टर, फ्रैक्चर वाले मामूली सर्जरी ही हो रहे।

अक्टूबर में डॉ राकेश सोनी, नवंबर में डॉ आभा हिशीकर नौकरी छोड़ रहे। इन्हाेंने पहले ही सीएस को वीआरएस सौंप दिया है। हड्डी रोग विभाग, मेडिसीन विभाग की स्थिति बदतर हो जाएगी। इधर विशेषज्ञ डाक्टरों के रिक्त पदों की संख्या भी १४ हो जाएगी। धमतरी जिले को शासन से विशेषज्ञ डाक्टर नहीं मिल रहे।

इसका खामियाजा धमतरी सहित आसपास से पहुंच रहे ५ जिलों के मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। गंभीर बीमारी, या सर्जरी लायक मरीजों को जिला अस्पताल आने के बाद रेफर करना पड़ रहा है। वर्तमान में यहां आंख और मौसमी बीमारी के मरीज ही ज्यादा पहुंच रहे। गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों की मुसीबत बढ़ गई है।

विशेषज्ञ डॉक्टरों के सेवानिवृत्त के बाद पद रिक्त हो गए हैं। कुछ डाक्टरों ने वीआरएस के लिए आवेदन किया है। रिक्त पदों पर भर्ती के लिए शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। डॉ एके टोंडर, सिविल सर्जन

अब तक 9 डाक्टर छोड़ चुके नौकरी

जिला अस्पताल में शासन से डाक्टरोें की नियुक्ति नहीं हो रही। अनुबंध के तहत कुछ सर्जन यहां आए, लेकिन जिला अस्पताल की हालत देखकर वे भी काम छोड़ चुके। अस्पताल की दुर्गति साल-2023 के बाद से शुरू हुई। अब तक ९ डाक्टर काम छोड़ चुके हैं। इनमें सर्जन डॉ उत्कर्ष नंदा, डॉ स्वीटी नंदा, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ आशीष खालसा, स्किन रोग विशेष डॉ एस मधुप, डॉ यश साहू और कृतिका नाथ चटर्जी समेत ९ डाक्टर नौकरी छोड़ चुके हैं।

जिला अस्पताल के मेडिसीन विभाग को डॉ आभा हिशीकर, डॉ संजय वानखेड़े सम्हालते आ रहे। डॉ संजय वानखेड़े कुछ दिनों पूर्व ही रिटायर हो गए। डॉ आभा हिशीकर अक्टूबर तक ही सेवा देंगी। उन्हाेंने वीआरएस ले लिया है। दोनों प्रमुख डाक्टरों के हटने से मेडिसीन विभाग पर बड़ा असर पड़ेगा। हालांकि मेडिसीन विभाग में 4 डाक्टरों की नियुक्ति हुई है।

इनके पास गिनती के मरीज पहुंच रहे हैं। यहीं स्थिति हड्डी रोग विभाग की हो गई है। एक डाक्टर की ज्यादातर नाइट ड्यूटी लग रही, जिसके कारण वे ओपीडी ज्यादा नहीं बैठते। एक डॉक्टर ने वीआरएस ले लिया है। मेजर सर्जरी तो पहले से ही बंद है। डाक्टर सोनी के जाने के बाद स्थिति और बिगड़ जाएगी।

पद रिक्त

सर्जिकल विशेषज्ञ 2

शिशु रोग विशेषज्ञ 2

स्त्री रोग विशेषज्ञ 1

निश्चेतना विशेषज्ञ 1

नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ 2

हड्डी रोग विशेषज्ञ 1

मनोरोग विशेषज्ञ 2
मेडिसीन विशेषज्ञ 1

स्किन रोड विशेषज्ञ1

मनोरोग विशेषज्ञ 1