
52 गांवों के आदिवासी निकले कलेक्ट्रेट घेरने ( Photo - Patrika )
Dhamtari News: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में बड़ा प्रदर्शन हो रहा है। जिले के करीब 52 गांव के आदिवासी ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आजादी के कई दशक बीत जाने के बाद भी वे आज सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी को तरस रहे हैं। लगातार मिन्नते के बाद भी मांगे पूरी नहीं होने के बाद आज ग्रामीणों ने आक्रोश रैली निकाली है।
कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों का कहना है कि वे लगातार अपनी मांगों को लेकर सरकार से गुहार लगा रहे हैं। ( Chhattisgarh news ) इस पर प्रशासन का एक ही जवाब आता है सिर्फ और सिर्फ आश्वासन, लेकिन कभी भी इस पर काम नहीं हुआ है। ऐसे में अब उनका धैर्य समाप्त हो गया है। बताया कि गांवों में आज भी कई जगह सड़क, पानी, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। इसी नाराजगी के चलते ग्रामीणों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया। साय सरकार को लेकर कहा कि चुनाव के दौरान ही बड़े-बड़े वादे करते हैं लेकिन कभी भी वादे पूरी नहीं होते हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, ग्रामीण बड़ी संख्या में वाहनों से धमतरी पहुंचे। इसके बाद शोभाराम देवांगन चौक के पास एकत्र होकर पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट की ओर ओर कूच किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों के हाथों में अपनी मांगों से जुड़े बैनर और नारे लिखी तख्तियां थीं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल ठोस पहल की मांग की। वहीं, सुरक्षा के मद्देनजर कलेक्ट्रेट के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पहले से सतर्क रहा। ग्रामीणों को रोकने और समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। बताया जा रहा है कि बनरौद के पास पुलिस ने बैरिकेड लगाकर ग्रामीणों को रोक दिया। इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच आगे बढ़ने को लेकर बहस हुई। वहीं पुलिस द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े जाने की बात सामने आई है।
Updated on:
22 Jun 2026 04:42 pm
Published on:
22 Jun 2026 04:41 pm
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