
मलेरिया का हमला (photo source- Patrika)
Dhamtari Malaria Outbreak: धमतरी जिले के वनांचल क्षेत्रों में मानसून की दस्तक के साथ ही मलेरिया का प्रकोप बेहद खतरनाक रूप ले चुका है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है।
छह महीने (जनवरी से जून) के दौरान पूरे जिले में 94,654 लोगों की जांच में जितने 125 मरीज मिले थे, अकेले जुलाई के महीने में ही 17,856 टेस्ट के भीतर 125 नए मलेरिया पॉजिटिव मामले सामने आ गए हैं। इनमें प्लाजमोडियम फालसीपेरम के (पीएफ) के 94, वाइवैक्स (पीवी) के 30 और 1 मिक्स केस शामिल है।
संक्रमण का हॉटस्पॉट वनांचल बना हुआ है, जहां जुलाई में सर्वाधिक 81 मरीज पाए गए हैं। इसके अलावा मगरलोड में 16, गुजरा में 13 और कुरुद में 4 पॉजिटिव केस दर्ज किए गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नगरी ब्लॉक के बोराई, खल्लारी, आमबाहरा, कौहाबाहरा, डोकाल, बेलरगांव, आमगांव, नवागांव तथा मगरलोड के पठार और अरौद डूबान समेत लगभग एक दर्जन गांवों को अतिसंवेदनशील घोषित कर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में घर-घर जाकर सर्वे और ब्लड स्लाइड जांच कर रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार वनांचल क्षेत्रों में जगह-जगह जलभराव मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर रहा है। जिला अस्पताल के डॉ. तेजस शाह ने चेतावनी दी है कि मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलने वाली यह बीमारी समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा हो सकती है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यूएल कौशिक ने बताया कि रोकथाम के लिए व्यापक अभियान जारी है। प्रभावित क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाकर ब्लड सैंपल लिए जा रहे हैं और मरीजों को तत्काल दवाएं मुहैया कराई जा रही हैं।
Updated on:
17 Aug 2026 03:02 pm
Published on:
17 Aug 2026 03:02 pm
