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नए नियम से ट्रांसपोर्टरों में मचा हड़ंकप, अब हर माह माल लोडिंग का नया परमिट कराना होगा जारी

सडक़ परिवहन मंत्रालय ने मालवाहकों की क्षमता भार के साथ ही टैक्स भी बढ़ा दिया अब ऐसे में ट्रांसपोर्टरों को हर माह माल लोडिंग का नया परमिट जारी कराना होगा।

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धमतरी

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Deepak Sahu

Sep 14, 2018

cg news

नए नियम से ट्रांसपोर्टरों में मचा हड़ंकप, अब हर माह माल लोडिंग का नया परमिट कराना होगा जारी

धमतरी. सडक़ परिवहन मंत्रालय ने मालवाहकों की क्षमता भार के साथ ही टैक्स भी बढ़ा दिया है। अब ऐसे में ट्रांसपोर्टरों को हर माह माल लोडिंग का नया परमिट जारी कराना होगा। इस नए नियम से ट्रांसपोर्टरों में हडक़ंप मच गया है। वे नियमोंं की जानकारी लेने के लिए आरटीओ दफ्तर पहुंच रहे हैं, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने से उन्हें दफ्तर का चक्कर काटना पड़ रहा है।

उल्लेखनीय है कि धमतरी जिला में 5 हजार से अधिक माल वाहक आवाजाही करते हैं। पहले मालवाहकों को निर्धारित भार क्षमता के अनुसार ही माल ढृुलाई करना पड़ता था। क्षमता से ज्यादा माल होने पर ओवरलोड की कार्रवाई होती थी। इसके बावजूद वे नियमों को तोडऩे में कोई कसर नहीं छोड़ते थे। स्थिति को देखते हुए केन्द्रीय सडक़ परिवहन मंत्रालय ने अब नियमोंं संशोधन कर मालवाहकों की क्षमता और टैक्स भी बढ़ोत्तरी कर दिया है। आदेश के बाद राज्य परिवहन आयुक्त कार्यालय से सभी क्षेत्रीय व जिला परिवहन अधिकारियोंं को आदेश जारी कर दिया गया है, जिसके तहत नियम की अवहेलना किए जाने पर कड़ी कार्रवाई का भी प्रावधान किया गया है। उधर इस नियम के लागू होते ही माल वाहकों की परेशानी बढ़ गई है।

मालावाहक सुनील साहू, अखिलेश देवांगन ने बताया कि वे शहर समेत आसपास के क्षेत्रों मेंं पिकअप में माल ढुलाई का काम करते हैं। जब से नया नियम लागू हुआ है। हर माह उन्हें परमिट जारी कराने के लिए आरटीओ दफ्तर का चक्कर काटना पड़ रहा है। परमिट जारी नहीं कराने पर टै्रफिक पुलिस की कार्रवाई का भय बना रहता है।

उधर नागरिकोंं को केन्द्र शासन का यह नया नियम रास नहीं आ रहा है। नागरिक अशोक आहुजा, गिरधर प्रजापति का कहना है कि ओवरलोडिंग वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए केन्द्र शासन ने भार क्षमता में बढ़ोत्तरी कर दिया है। मालवाहक अधिक माल लेकर आवाजाही करेंगे। इससे शहर की सड़क़ोंं पर दबाव बढ़ेगा।

सूत्रों की मानेंं तो अब वाहन की पंजीयन पुस्तिका में संशोधन कराना होगा। निर्धारित प्रारूप में फार्म भरकर शुल्क जमा करना होगा। बताया गया है कि पंजीयन स्मार्ट कार्ड में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं होगा। जबकि परमिट में संशोधन किया जाएगा। इस तरह एक निश्चित शुल्क जमा कराने के बाद एक माह के लिए प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इसे हर माह माल वाहकोंं को रिनिवल कराना होगा।