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अब ज्वेलरी में होंगे 3 अलग-अलग कैटेगरी के हॉलमार्क, नहीं जानते तो पढ़े यह खबर, इधर मचा हड़कंप

इस फैसले से जिले के सराफा व्यापारियों मेंं हड़कंप मच गया है। व्यापारियोंं का कहना है कि इससे छोटे और मंझोले व्यापारियों का धंधा चौपट हो जाएगा।

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धमतरी. केन्द्र सरकार ने सोने की शुद्धता को बरकरार रखने के लिए 1 जनवरी 2018 से तीन कैटेगिरी की ज्वेलरी पर हॉलमार्क का निशान लगाना जरूरी कर दिया है। इस फैसले से जिले के सराफा व्यापारियों मेंं हड़कंप मच गया है। व्यापारियोंं का कहना है कि इससे छोटे और मंझोले व्यापारियों का धंधा चौपट हो जाएगा।

छत्तीसगढ़ के धमतरी शहर मेंं 150 तथा जिले में करीब 250 से अधिक सराफा व्यापारी है, जिसमेंं से केवल 5 दुकानोंं मेंं ही हॉलमार्क सोना बेचा जा रहा है। अन्य सराफा दुकानोंं में सोने की शुद्धता की कोई गारंटी नहीं है। ऐसे में ग्राहक का ठगे जाने की आशंका बनी रहती है।

उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार ने ग्राहकों शुद्ध सोना उपलब्ध कराने के लिए 1 जनवरी 2018 से 22, 18 एवं 14 कैरेट की ज्वेलरी पर हॉलमार्क का निशान लगाना अनिवार्य कर दिया है। इसके तहत अब सोने की शुद्ध तीन कैटेगिरी पर ही मापी जाएगी। उधर इस निर्णय के बाद सराफा व्यापारियों मेंं हड़कंप मच गया है। व्यापारी नीलेश लुनिया, अरिहंत जैन का कहना है कि सराफा व्यापारी ग्राहकोंं के विश्वास पर व्यवसाय करते हैं। आज तक किसी भी ग्राहक ने सोने की शुद्धता को लेकर कोई संदेह नहीं जताया है।

यह होगा बदलाव
सूत्रों की मानेंं तो पहले 22 कैरेट से कम शुद्ध ज्वेलरी को 21 कैरेट मान लिया जाता था, लेकिन अब नए प्रावधान के बाद 22 कैरेट से कम शुद्ध ज्वेलरी को 18 कैरेट माना जाएगा। बताया गया है कि जनवरी से 22 कैरेट के ज्वलेरी पर 22 के 916, अंकित रहेगा। इसी तरह 18 कैरेट के ज्वेलरी पर 18 के 750 तथा 14 कैरेट के ज्वलेरी पर 14 के 585 अंक उल्लेखित रहेगा।

क्या है हॉलमार्क
हॉलमार्क प्लेटिनम, सोना-चांदी समेत बहुमूल्य धातुओं पर लगाया जाने वाला आधिकारिक मुहर है, जो ज्वेलरी की शुद्धता की जांच के बाद उसमें लगाया जाता है।

जिले मेंं 24 कैरेट की ज्वेलरी की ही डिमांड है, जबकि इस कैटेगिरी के ज्वेलरी को मानक से पृथक रखा गया है। ऐसे में व्यापार पर प्रभाव पड़ेगा।
विनय पारख, संरक्षक सराफा संघ

प्रत्येक सोना-चांदी की ज्वेलरी पर हॉलमार्क करना संभव नहीं है। इस नियम से एक-एक पीस ज्वेलरी का हिसाब रखना होगा। ऐसे में व्यापारी परेशान हो जाएंगे।
दुलीचंद डागा, सराफा व्यापारी