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80 करोड़ की सड़क 8 माह में उखड़ी, काम पूरा होने से पहले ही बिखरने लगी गिट्टियां

दरारें भी देखने को मिल रही है। यह हाल तब है जब सडक़ का काम अभी पूरा भी नहीं हुआ है। सडक़ का काम अभी जारी है।

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80 करोड़ की सड़क 8 माह में उखड़ी, काम पूरा होने से पहले ही बिखरने लगी गिट्टियां

80 करोड़ की सड़क 8 माह में उखड़ी, काम पूरा होने से पहले ही बिखरने लगी गिट्टियां

धार. प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना में गांवों को शहरो से जोडऩे के लिए करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी नतीजा सिफर है। इसकी वजह यह है कि विभाग द्वारा जिन ठेकेदारों को काम का जिम्मा सौंपा है, वे मनमर्जी से काम कर रहे हैं। इस कारण काम पूरा होने के पहले ही सडक़े उखडऩे लगी है।

एक-दो जगह नहीं बल्कि डेढ़ किमी की सीमेंट कांक्रीट सडक़ उखड़ कर बिखर गई है। सीमेंट कांक्रीट से गिट्टी पूरी सडक़ पर बिखरी पड़ी है। साथ ही दरारें भी देखने को मिल रही है। यह हाल तब है जब सडक़ का काम अभी पूरा भी नहीं हुआ है। सडक़ का काम अभी जारी है। पुलियाएं बन रही है। साथ ही सडक़ का निर्माण चिकल्या में चल रहा है। इस बीच सडक़ की यह स्थिति निर्माण की गुणवत्ता की पोल खोल रही है। साथ ही उन अफसरों पर भीसवाल उठा रही है, जिन पर निरीक्षण कर गुणवत्ता बनाए रखने कीजिम्मेदारी थी।

फसल में बढ़ेगा लोडसोयाबीन कटाई के बाद किसानों की आवाजाही बढ़ेगी। तिरला और आहू के बीच आने वाले किसान इसी सडक़ का इस्तेमाल करेंगे। अब तक कच्ची सडक़ से आवाजाही होती थी। अब सडक़ बनने से किसानों का सीधा संपर्क फोरलेन से हो जाएगा, लेकिन सडक़ की कमजोर गुणवत्ता आने वाले दिनों में फिर खराब सडक़ की उभरेगी।


सीएम हेल्पलाइन के बाद भी सुध नहीं

● चिकल्या के निवासी जितेंद्र पाटीदार ने बताया गर्मी में ही सीमेंट कांक्रीट किया था। इसके बाद से सडक़ उखडऩे लगी थी। इसकी जानकारी विभाग के अधिकारियों को दी थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसके बाद सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की। इसके बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ।

● किसान कुशालसिंह राठौर ने बताया इस सडक़ से 12 से अधिक गांव के किसान व ग्रामीण आबादी सफर करती है। गेहूं-सोयाबीन के सीजन में आवाजाही ज्यादा रहेगी। ऐसे में इतना पैसा खर्च करने के बाद भी घटिया निर्माण से सौगात लोगों के लिए आफत बन जाएगी। ग्राम सडक़ के तहत इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित पुलिया के नीचे भी हालात खराब है। यह पुलिया धार को आहू और आसपास के गांवों से जोड़ती है।


गुजरात की कंपनी कर रही निर्माण

प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के तहत तिरला से खरमपुर तक इस सडक़ का निर्माण करवाया जा रहा है। इस 20 किमी लंबी सडक़ से 12 से अधिक गांव की आबादी निर्भर रहेगी। इसे बनाने में सरकार ने करीब 80 करोड़ रुपए विभाग को दिए है। लेकिन इस घटिया निर्माण की वजह से इस पर पानी फिरता नजर आ रहा है। चिकल्या में सडक़ कई जगह पर उखड़ गई है। ऐसे में सीमेंट कांक्रीट की गिट्टी पूरी सडक़ पर बिखर रही है।

इनका कहना

मैं अभी निरीक्षण पर आया हूं। बाद में बात करता हूं।

-हितेंद्र दीक्षित, महाप्रबंधक, प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ परियोजना धार