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एक शिक्षक ने अपने प्रयासों से स्कूल की दशा-दिशा सुधारी

एक शिक्षक ने अपने प्रयासों से स्कूल की दशा-दिशा सुधारी

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धार

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sarvagya purohit

Sep 05, 2019

एक शिक्षक ने अपने प्रयासों से स्कूल की दशा-दिशा सुधारी

एक शिक्षक ने अपने प्रयासों से स्कूल की दशा-दिशा सुधारी


- जिले में एक अलग ही पहचान है स्कूल की
धार.
जिले का एक ऐसा शासकीय स्कूल है जहां पर छात्राएं स्कूल आती नहीं थी। यहां के एक शिक्षक ने जब स्कूल आए तो स्कूल की दशा और दिशा दोनों ही परिवर्तित कर दी। शिक्षक ने अपने स्टॉफ और ग्रामीणों की मदद से स्कूल को निजी स्कूल की तर्ज पर खड़ा कर दिया। इस स्कूल की आज जिले में एक अलग ही पहचान है। हम यहां पर बात कर रहे है घाटाबिल्लोद स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय बड़छापरा के शिक्षक अजय पाठक की।
जिला मुख्यालय से करीब २० किलोमीटर दूर शासकीय माध्यमिक विद्यालय बड़छापरा में शिक्षक अजय पाठक ने वर्ष २००१ में कार्यभार ग्रहण किया था, तब केवल ३ कमरे जर्जर अवस्था में एवं लगभग ३० बच्चे आते थे। ग्राम की बालिकाएं विद्यालय नहीं आती थी। आजबालकों के बराबर या कई बार उससे ज्यादा बालिकाएं इनके प्रयासों से शाला आ रही हैं। पाठक ने अपने प्रयासों से नवीन भवन के लिए भूमि प्राप्त कर नवीन भवन बनवाया। जनसहयोग से मैदान बनाया। शिक्षक पाठक ने एक कंपनी की मदद से शौचालय, वाटर पंप, नल फिटिंग, कमरों में पंखे, कम्प्यूटर-प्रिंटर, फर्नीचर भी स्कूल में लाए और व्यवस्थित किया। शिक्षक पाठक ने स्कूल दिशा सुधारने के लिए ग्रामीणों का सहयोग लिया। उनकी सहायता से लाइट फिङ्क्षटग, कम्प्यूटर लेब और स्टॉफ के लिए फर्नीचर, वायर फैसिंग एवं मेनगेट, साउंड सिस्टम आरओ वाटर क्यूरिफायर, निर्धन बच्चों के लिए स्कूल बैग, कॉपी, पेन आदि कई प्रकार की सुविधाएं खड़ी कर दी। शिक्षक पाठक ने शासकीय विद्यालय में अपने छात्रों के लिए आकर्षक ड्रेस कोड, टाई, बेल्ड, आईडी, एवं जूते-मौजे आदि को लागू कर अशासकीय झलक देने का कार्य किया एवं स्टॉफ के लिए भी ड्रेस कोर्ड, आईडी एवं सब्जेक्ट टीचर बैच अनिवार्य किया।
6 सितंबर को मिलेगा बेस्ट अवॉर्ड
शिक्षक पाठक के इसी कार्य को देखते हुए उन्हें बेस्ट टीचर्स का अवॉर्ड 6 सितंबर को राज्यपाल के द्वारा दिया जाएगा। इसके पूर्व शिक्षक पाठक को राज्य तथा जिला स्तरीय सम्मान एवं राज्य शासन द्वारा ५ सितंबर २०१४ को इन्हें जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया है। जिले में इस साल पहले शिक्षक है जिन्हें राज्यपाल द्वारा पुरुस्कृत किया जाएगा। स्कूल में शिक्षक पाठक को सभी छात्र-छात्राएं अपना आज भी आदर्श मानते है और उनके बताए हुए कदमों पर चलते है।