18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

VIDEO परमार कालीन है बाबा धारनाथ का मंदिर, लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र

गणेश पूजन के साथ शुरू हुआ शिव विवाह महोत्सव

2 min read
Google source verification

धार

image

Amit Mandloi

Feb 26, 2022

VIDEO परमार कालीन है बाबा धारनाथ का मंदिर, लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र

VIDEO परमार कालीन है बाबा धारनाथ का मंदिर, लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र

धार.
धाराधिपति भगवान धारनाथ का मंदिर परमार कालीन है। मंदिर आज भी वैसी ही स्थिति में है। उधर मंदिर में विवाह महोत्सव कार्यक्रम शनिवार से शुरू हो गया। विवाह की पहली रस्म भगवान गणेश का विधिविधान से पूजन कर हुई। गणेश पूजन के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं ने ढोल पर मंदिर परिसर में ही गीत गाए और भजनों पर झूमते नजर आए। इस आयोजन के लिए पूरे मंदिर परिसर को सजाया गया है। आकर्षक लाइटिंग के साथ.साथ सजावट भी करवाई गई है।

इस महोत्सव के तहत जगत पिता भगवान शिव के विवाह की रस्म करवाने के लिए पूर्व सीसीबी अध्यक्ष कुलदीपसिंह बुंदेला संपत्नीक धर्म के माता.पिता बने। अविनाश दुबे ने पूजन संपन्न करवाया। सुबह 11.30 बजे से गणेश पूजन की शुरूआत हो गई थी। इसमें श्रद्धालुओं की भी सहभागिता रही। यह पूरा आयोजन धारेश्वर आरती मंडल द्वारा आयोजित किया जाता है।
बग्गी पर निकलेगी बारात

दो दिनी कार्यक्रम मंदिर परिसर में होंगे। इसमें हल्दी-मेहंदी व संगीत की रस्म २७ फरवरी को मंदिर परिसर में रखी गई है। इसके बाद २८ फरवरी को भगवान धारनाथ की बारात निकाली जाएगी। पं. दुबे ने बताया कि परंपरानुसार भगवान धारनाथ बग्गी पर सवार होंगे। शिव बारात पूरे शहर के प्रमुख मार्गों से निकलेगी। इसमें शहर के सभी लोग शामिल होंगे। गाजे-बाजे के साथ झूमते-गाते श्रद्धालु बारात की अगवानी करेंगे।

परमारकालीन है मंदिर

शिक्षा विद् डा श्रीकांत द्विवेदी ने बताया कि मंदिर लगभग एक हजार वर्ष पुराना है। तत्कालीन कलेक्टर संजय दुबे ने विशेष रूचि लेकर मंदिर में जीर्णोद्धार कराया है लेकिन मंदिर आज भी मूल स्वरूप में है। द्विवेदी ने बताया कि प्रति वर्ष सावन के आखरी सोमवार को बाबा अपनी प्रजा का हाल जानने शहर में निकलते है। बाबा की महिमा अपरंपार है। सुबह से देर रात तक दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहती है।

ये है कार्यक्रम

- 27 फरवरी : हल्दी-मेहंदी व संगीत कार्यक्रम - दोपहर 2 बजे
- 28 फरवरी : बारात - शाम 4 बजे
- 2 मार्च : महाप्रसादी वितरण - शाम 4 बजे