
भगवान बिल्वामृतेश्वर महादेव जागीरदार की पूजा करते श्रद्धालु। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
धरमपुरी . बुधवार को बाबा बिल्वामृतेश्वर जागीरदार की शाही सवारी राजसी ठाट-बांट से निकाली गई। सवारी तहसील प्रांगण से दोपहर 1.30 बजे सवारी में विराजित रजत मुखौटे स्वरूप में जागीरदार भगवान बिल्वामृतेश्वर महादेव के एसडीएम दिव्या पटेल, तहसीलदार योगेंद्र सिंह मौर्य सपत्नीक व विधायक पांचीलाल मेड़ा द्वारा पूजन-अर्चन व आरती के बाद प्रारंभ हुई। पूजन बेंट मंदिर के पुजारी पं.वीरेंद्र व्यास, महेंद्र जोशी व विश्वनाथ व्यास द्वारा विधिवत संपन्न कराया गया। पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। प्रांगण से निकलते ही भक्तों के दर्शन का उत्साह चरम पर था। जय जागीरदार और हर-हर महादेव जैसे जयघोष लग रहे थे। सवारी में विराजे जागीरदार भी आकर्षक लग रहे थे। सवारी को शाही अंदाज देने के लिए मंदिर प्रशासन से लेकर भक्तों ने कोई कसर नहीं छोड़ी। परम्परागत सवारी मार्ग को स्वागतद्वार, वंदनवार फ्लेक्स बैनर से पाट दिया गया। सवारी मार्ग में जगह.जगह मंचो व घरों से पुष्प वर्षा व दर्शन कर भक्त भाव विभोर हो धन्य हो उठे। शासन.प्रशासक का सम्पूर्ण अमला पूरे सवारी मार्ग में व्यवस्था संभाले हुए था। सवारी अपने परम्परागत मार्ग से भ्रमण करती हुई राजबाडा चौक में रात्रि 8 बजे पूजा अर्चना व आरती के बाद संपन्न हुई। बाद में रजत मुखोटे को बेंट स्थित मंदिर ले जाया गया जहां महाशिवरात्रि पर्व पर रात्रि 12 बजे मुखोटे को लिंगरूप भगवान बिल्वामृतेश्वर महादेव पर विराजित कर महाआरती सम्पन्न होगी।
विशेष
पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर देते समय फायर के दौरान कई प्रयासों के बाद भी किसी भी बंदूक से एक भी गोली नहीं चली।
कोरोना पर आस्था भारी रही। सवारी में दूर दूर से जागीरदार की एक झलक पाने के लिए हजारों श्रद्धालु शामिल हुए।
सवारी में लगभग 10 डीजे, करताल व डमरु दल, पुष्पवर्षा करती तोपे , झांकियां, नृत्य करती भूतों की टोलियां व श्रद्धालुओं पर सुगंधित इत्र की वर्षा करती मिसाइल शामिल थी।
कोविड.19 के चलते इस बार खाद्य सामग्री का कोई भी स्टाल नहीं लगाया गया। वहीं शासन द्वारा सवारी मार्ग पर प्याऊ की व्यवस्था की गई।
शासन. प्रशासन की संपूर्ण सवारी के दौरान आला अधिकारियों की मौजूदगी में चाक.चौबंद व्यवस्था रही ।
कोविड.19 के चलते हैं शासन प्रशासन द्वारा आज महाशिवरात्रि पर लगने वाले मेले को निरस्त कर नर्मदा में स्नान को भी प्रतिबंधित किया है।श्रद्धालुओं के स्नान की व्यवस्था नर्मदा तट पर फव्वारे द्वारा की जाएगी।
Published on:
10 Mar 2021 11:48 pm
बड़ी खबरें
View Allधार
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
