
Without the meter, the electric carrier, the bill coming from four months
धार.
अस्थाई कनेक्शन के लिए बिजली विभाग में आवेदन किया। मीटर लगा नहीं और बिजली कंपनी का कर्मचारी हर महीने रिडिंग ले रहा है, जिस कारण उपभोक्ता को पिछले 4 महीने से बगैर मीटर और बिजली कनेक्शन कंपनी अंधेरे का ही बिल थमा रही है। बार-बार शिकायत करने पर भी सुनवाई नहीं हुई तो पीडि़ता को उपभोक्ता फोरम का सहारा लेना पड़ा।
मामला धार जिले के धामनोद का है, जहां फूड सेफ्टी ऑफिसर प्रेमलता (गिरवाल)भंवर ने भवन निर्माण के लिए 14 मार्च को अस्थाई कनेक्शन का आवेदन किया था। इसके साथ उन्होंने 3 हजार रुपए जमा कराए थे, जिसकी रसीद उनके पास है। कनेक्शन के लिए आवेदन करते ही अप्रैल से ही उनको बिल थमा दिया गया, जबकि न तो मीटर लगा और न ही कनेक् शन हुआ। अप्रैल में बिजली कंपनी ने जो उनको बिल थमाया, उस पर पूर्व की २ यूनिट सहित कुल 58 यूनिट की खपत दिखा दी गई। एक हजार रुपए ऊर्जा प्रभार व 390 रुपए नियत प्रभार सहित भंवर को पहला ही (झटका)बिल 1442 रुपए का मिला। भंवर ने पत्रिका को बताया कि रविवार को भी बिजली कर्मी मीटर रिडिंग नोट करने आया था, जो अपनी खानापूर्ति कर चला गया।
न केबल न रोशनी
भंवर के अनुसार धामनोद की गुरूदत्त कॉलोनी में अस्थाई कनेक्शन के लिए 14 मार्च को आवेदन किया था, लेकिन 24 जून तक उनके यहां कनेक्शन नहीं हो पाया। अलबत्ता बिजली कंपनी पिछले 4 महीने से उन्हें अंधेरे का ही बिल थमाए जा रही है, जिसकी वे कई बार शिकायत कर चुकी है। बिल पर कंपनी सर्विस नंबर भी प्रिंट कर भेज रही है, जो आज तक भौतिक रूप से अस्तित्व में ही नहीं है। बता रहे हैं कि धार जिले का धामनोद बिजली कंपनी के हिसाब से इंदौर जिले के महु संभाग में आता है। दो जिलों की सीमा में झूलती उपभोक्ता ने तंग आकर पिछले दिनों उपभोक्ता फोरम में वाद दायर कर दिया।
Published on:
25 Jun 2018 10:46 pm
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