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रंगीन फूलगोभी से लाखों की कमाई, हड्डियां मजबूत कर रोगप्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाती

किसान एक एकड़ में खेती कर लाखों की कमाई कर रहा है।

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रंगीन फूलगोभी से लाखों की कमाई, हड्डियां मजबूत कर रोगप्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाती

रंगीन फूलगोभी से लाखों की कमाई, हड्डियां मजबूत कर रोगप्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाती

धार. मध्यप्रदेश में रंगीन फूलगोभी की खेती किसान के लिए लाखों की कमाई का जरिया बन गई है। ये फूल गोभी देखने में तो आकर्षक लगती ही है, साथ ही इनके सेवन से हड्डियां मजबूत होने के साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।

बैगनी, पीले रंग की फूलगोभी
जिले के बदनावर के तिलगारा के किसान द्वारका प्रसाद और उनके भाई मनोज पाटीदार ने रंगीन फूलगोभी की फसल उगाई। किसान द्वारा एक एकड़ में बैगनी व पीले रंग की फूलगोभी का उत्पादन किया जा रहा है। गोभी लेकर बुधवार को कलेक्टर डॉ. पंकज जैन से मिले। इसे देख कलेक्टर ने सराहना की। इस मौके पर एडीएम सलोनी सिडाना भी मौजूद रहीं।

एक एकड़ में उगा रहा किसान
किसान द्वारका प्रसाद ने बताया, उसके पास 12 एकड़ जमीन है। 1 एकड़ में रंगीन फूलगोभी की खेती कर रहा है। खेती सामान्य फूल गोभी की तरह होती है। इसकी बोवनी सितम्बर-अक्टूबर में की जाती है। इसे आद्र्र व ठंडी जलवायु की जरूरत होती है। यह नई फसल है और सभी का आकर्षण का केन्द्र है। इसलिए इसका मूल्य सामान्य फूल गोभी से ज्यादा मिलने की संभावना है।

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रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती
अभी फसल आना शुरू हुई है। लगभग 25-३0 क्विंटल उत्पादन की संभावना है। रंगीन फूलगोभी के साथ कलरड केप्सिकम, कुकुम्बर, थाई अमरूद, स्ट्राबेरी की खेती भी की जा रही है। उप संचालक उद्यान नीरज सांवलिया ने बताया कि इसमें फाइटोकेमिकल्स और एंटीऑक्सीडेट भी होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। साथ ही इसमें कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम और जिंक होता है जो हड्डियों को मजबूत बनाता है।

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आदिवासी किसान उगा रहे स्ट्रॉबेरी
खरगोन जिले में परंपरागत खेती छोड़कर किसान आधुनिक तरीके से फसल उगा रहे हैं। झिरन्या ब्लॉक के कुछ आदिवासी किसानों ने स्ट्रॉबेरी का उत्पादन शुरू किया है। स्ट्रॉबेरी की फसल जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र जैसे प्रदेशों में होती है। निमाड़ की गर्मी में इस फसल को तैयार करना किसी जोखिम से कम नहीं। इसके बाद भी किसानों ने फसल उगाने की हिम्मत जुटाई। मौजूदा समय में 3 किसान विजय, संजय, नरसिंग ने खेत में स्ट्राबेरी के पौधे लगाए हैं। आत्मा योजना से जुड़े ब्लॉक मैनेजर अनिल नामदेव बताते हैं, स्ट्रॉबेरी में सबसे ज्यादा न्यूट्रीशन पाया जाता है। यह शूफर फूड है। जिसे खाने के साथ जूस भी पीया जा सकता है। कई कंपनियां चॉकलेट भी बना रही हैं।