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सालों का साथ क्यों छोडा एक दम, वन स्टाप सेंटर की कैसे मेहनत लाई रंग

- सखी वन स्टॉप सेंटर धार काउंसलिंग कर दोनों परिवारों को किया साथ

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धार

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Amit Mandloi

Nov 09, 2022

सालों का साथ क्यों छोडा एक दम, वन स्टाप सेंटर की कैसे मेहनत लाई रंग

सालों का साथ क्यों छोडा एक दम, वन स्टाप सेंटर की कैसे मेहनत लाई रंग

धार. महिला व बाल विकास विभाग द्वारा सखी वन स्टॉप सेंटर धार द्वारा घरेलू हिंसा से पीडि़त महिलाओं के लिए एक छत के नीचे सारी सुविधा उपलब्ध करवाता है। इसी कड़ी में वन स्टॉप सेंटर पर फिर दो घरों की खुशियां लौटाई है। वन स्टॉप सेंटर प्रशासक ज्योत्सनासिंह ठाकुर ने बताया आने वाली सभी महिलाओं की समस्याओं को ध्यान में रखकर सभी के लिए यथोचित कार्रवाई की जाती है।

केस 1 :

परामर्शदाता चेतना राठौड़ ने बताया ५२ वर्षीय महिला ने वन स्टॉप सेंटर पर अपनी शिकायत की। इसमें बताया 55 वर्षीय व्यक्ति द्वारा लगभग 26 वर्षों तक प्रार्थियां को अपने साथ रखने के बाद अब छोड़ दिया है। जबकि दोनों के रिश्ते से उनकी एक बेटी है और परिवार के कुछ लोगों द्वारा जाति ***** शब्दों का इस्तेमाल कर उसके साथ मारपीट की। शिकायत दर्ज होने के बाद दोनों पक्षों को परामर्श के लिए बुलवाया गया। दोनों पक्षों तीन से चार बार काउंसलिंग की गई। दोनों पक्षों को समझाइश दी।तब दोनों ही पक्ष एक-दुसरे के साथ पहले की तरह साथ में रहने के लिए के लिए तैयार हो गए।

केस 2 :

इसी तरह एक अन्य केस में शिकायत प्राप्त हुई। इसमें बताया कि प्रार्थियां की शादी को लगभग एक वर्ष हो गया है। शादी के लिए पहले ससुराल पक्ष द्वारा मना किया था लेकिन प्रार्थिया की मां द्वारा बात कर उन्हें शादी के लिए राजी कर लिया। दोनों की शादी हुई लेकिन बाद में प्रार्थियां को सास व पति द्वारा बात-बात पर ताने मारना व परिवार में एक ही हाल में सभी को एक साथ रखा जाता था। अलग से कमरा तक नहीं दिया गया। लेकिन प्रार्थिया द्वारा हिम्मत न हार व समझौता कर वहीं पर रह रही थी। अब बहुत ज्यादा परेशान होकर वन स्टॉप सेंटर में प्रार्थियां ने शिकायत की। प्रार्थियां की छ: माह की एक बेटी भी है। इसका स्वास्थ खराब हो गया था। आस्पताल में भर्ती किया था। वहां पर आधार और समग्र आईडी मांगने पर वन स्टॉप सेंटर की मदद से दस्तावेज ससुराल वालों ने दिए। इसके बाद बेटी का उपचार हो पाया। इसके बाद वन स्टॉप सेंटर पर तीन से चार बार दोनों की काउंसलिंग की गई। इस पर दोनों पक्षों में समझौता हो गया। वन स्टॉप सेंटर सखी से दोनों परिवार खुशी-खुशी घर गए।