
छात्रों से वसूली फीस पर अस्पताल में ट्रेनिंग का 1.19 करोड़ बकाया
पत्रिका न्यूज पंच
धार.
जिला अस्पताल में ट्रेनी स्टूडेंट को ट्रेंड किया जाता है। ट्रेंड स्टॉफ नए छात्रों को मेडिकल से जुड़ी बारीकी और इलाज के दौरान बरतनी सावधानी और कामकाज के तरीके सिखाते है। इसके बदले स्टूडेंट जिस भी कॉलेज में एडमिशन लेते है, उस नर्सिंग कॉलेज द्वारा जिला अस्पताल को ट्रेनिंग शुल्क का भुगतान करना होता है। शहर सहित जिले के अधिकांश नर्सिंग कॉलेजों के स्टूडेंट धार के जिला अस्पताल में ट्रेनिंग के वक्त काम करते है। लेकिन इस ट्रेनिंग के बदले कॉलेजों को शुल्क का भुगतान जिला अस्पताल को करना होता है, जो बीते पांच साल से बकाया चल रहा है।
रोगी कल्याण समिति की बैठक में भी यह मुद्दा उठ चुका है
बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल में ट्रेनिंग के लिए स्टूडेंट भेजने वाले अलग-अलग नर्सिंग कॉलेजों का १ करोड़ १९ लाख ५ हजार रुपए बकाया है। यह राशि एक-दो वर्ष नहीं बल्कि करीब वर्ष-२०१७ से बकाया है। इनमें कोरोनाकाल के दो वर्ष का ट्रेनिंग शुल्क भी शामिल है। हालांकि इस कोरोनाकाल के ट्रेनिंग शुल्क में सरकार की तरफ से कुछ रियायत जरूर दी गई है। लेकिन इसके बाद भी मोटी रकम नर्सिंग कॉलेजों पर बकाया है। गत दिनों हुई रोगी कल्याण समिति की बैठक में भी यह मुद्दा उठ चुका है। इसके बाद जिला अस्पताल की तरफ से ताबड़तोड़ नर्सिंग कॉलेजों को नोटिस जारी किए गए है।
जानकारी के अनुसार शहर सहित जिलेभर के १४ नर्सिंग कॉलेजों में से १२ कॉलेजों का ट्रेनिंग शुल्क बकाया है। जमा करवाने के लिए कॉलेज प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा भी कई कॉलेज है, जिन पर मोटी रकम बकाया है। कुल १ करोड़ १९ लाख ५ हजार रुपए विभाग को लेना है।
Published on:
24 May 2022 09:01 pm
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