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धार भोजशाला विवाद: हिंदू पक्ष भी शीर्ष अदालत में, मुस्लिम पक्ष पर सुनवाई आज

Dhar Bhojshala Dispute: ऐतिहासिक भोजशाला विवाद, हिंदू पक्ष भी पुहंचा सुप्रीम कोर्ट, कैविएट दायर की, मुस्लिम पक्ष के मामले में सुनवाई आज

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धार

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Sanjana Kumar

Apr 01, 2026

dhar bhojshala dispute muslim side hearing today in supreme court

dhar bhojshala dispute muslim side hearing today in supreme court(patrika creative)

Dhar Bhojshala Dispute: ऐतिहासिक भोजशाला विवाद एक बार फिर न्यायालयों के केंद्र में है। मुस्लिम पक्ष के बाद अब हिंदू पक्ष भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णुशंकर जैन ने कैविएट दायर कर दी है, जिससे यह सुनिश्चित हो गया है कि अब सुप्रीम कोर्ट दोनों पक्षों को सुनकर ही कोई फैसला लेगा।

मुस्लिम पक्ष के आवेदन पर सुनवाई आज

दरअसल, मुस्लिम पक्ष ने 23 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दाखिल कर एएसआई सर्वे के दौरान हुई वीडियोग्राफी को साक्ष्य के रूप में उपलब्ध कराने की मांग की थी। इसी आवेदन पर आज 1 अप्रैल सुनवाई प्रस्तावित है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। 1 और 2 अप्रैल भोजशाला मामले के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई इस विवाद को नई दिशा दे सकती है। हिंदू पक्ष द्वारा कैविएट दायर किए जाने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट बिना उनकी दलील सुने कोई अंतरिम आदेश नहीं देगा। इससे मामले की सुनवाई और अधिक संतुलित एवं विस्तृत होने की संभावना बढ़ गई है।

आज सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर तय होगी दिशा

धारभोजशाला के धार्मिक स्वरूप को लेकर 2 अप्रैल को उच्च न्यायालय इंदौर में सुनवाई निर्धारित है। इसे अंतिम चरण की सुनवाई माना जा रहा है। डबल बेंच के समक्ष यह मामला 19वें नंबर पर सूचीबद्ध है, जिसमें एक जनहित याचिका और तीन रिट याचिकाओं पर सुनवाई होगी।

इनमें एक मुस्लिम पक्ष, जबकि शेष तीन हिंदू पक्ष की ओर से दायर की गई हैं। कानूनी जानकारों के अनुसार, यदि सुप्रीम कोर्ट मुस्लिम पक्ष को अतिरिक्त समय या साक्ष्य प्रस्तुत करने की अनुमति देता है, तो हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई की प्रक्रिया और आगे बढ़ सकती है। ऐसे में आज का आदेश पूरे मामले की दिशा तय कर सकता है।

पहली बार भोजशाला में न्यायाधीश ने किया दौरा

बता दें कि धार भोजशाला में पिछले दिनों वो ऐतिहासिक पल भी देखने को मिला जब न्यायाधीश खुद भोजशाला परिसर में निरीक्षण करने पहुंचे। वे यहां करीब 50 मिनट तक वहां रखे साक्ष्यों का निरीक्षण करते रहे। इसके बाद लौट गए। दो न्यायाधीशों के काफिले के साथ ASI सर्वे टीम भी पहुंची थी। यह दौरा पूरी तरह गोपनीय रखा गया था। कल 2 अप्रैल को मामले में सुनवाई है, ऐसे में न्यायाधीशों का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। यह दौरा ही इस फैसले की दशा और दिशा दोनों तय करेगा। यह दौरा 28 मार्च 2026 को किया गया था।