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गेहूं पर मंडी टैक्स के अलावा अब जीएसटी भी इसलिए एक बोरी पर व्यापारी को लगेगा 135 रुपए टैक्स

- जीएसटी के विरोध में कृषि उपज मंडी रही शनिवार को बंद- एक दिन में मंडी का ५-७ लाख रुपए का नुकसान

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धार

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Amit Mandloi

Jul 16, 2022

गेहूं पर मंडी टैक्स के अलावा अब जीएसटी भी इसलिए एक बोरी पर व्यापारी को लगेगा 135 रुपए टैक्स

गेहूं पर मंडी टैक्स के अलावा अब जीएसटी भी इसलिए एक बोरी पर व्यापारी को लगेगा 135 रुपए टैक्स

धार.
केंद्र सरकार ने खाद्य सामग्री गेहूं, आटा, चावल सहित अन्य जींस पर 5 प्रतिशत टैक्स लगाने की घोषणा की है। यह १८ जुलाई से लागू होना है। ऐसे में व्यापारी इस टैक्स व्यवस्था के विरोध में उतर गए है। विरोध स्वरूप शनिवार को अनाज तिलहन व्यापारी संघ ने एक दिनी मंडी बंद रखी। इस दौरान मंडी में आवक बंद रही। साथ ही कामकाज पूरी तरह बंद रखा गया।

दरअसल कृषि उपज मंडी समितियों में व्यापारी प्रति बोरी पर मंडी टैक्स के रूप में १.७० प्रतिशत का भुगतान करता है। अब जीएसटी लागू होने के बाद 5 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स का भुगतान करना होगा। इस कारण नई व्यवस्था का विरोध किया जा रहा है। मंडी व्यापारियों ने शनिवार को सामूहिक बंद बुलवाया था। इस कारण धार कृषि उपज मंडी में कामकाज ठप्प रहा। बंद के चलते किसान भी अपनी उपज लेकर मंडी नहीं पहुंचे। बोवनी में रुपए की आवश्यकता के चलते इन दिनों में मंडी अच्छी आवक हो रही है। लेकिन शनिवार को कामकाज पूरी तरह बंद रहा।

इस तरह समझे कितना बढ़ेगा भार

केंद्र सरकार की घोषणा के चलते गेहूं पर 5 प्रतिशत जीएसटी लागू हो जाएगा। वर्तमान में गेहूं की प्रति बोरी के दाम 2 हजार रुपए के आसपास है। ऐसे में एक बोरी पर १.७० प्रतिशत के मान से मंडी शुल्क के रूप में व्यापारी द्वारा ३५ रुपए प्रति बोरी का भुगतान मंडी को किया जाता है। जबकि 5 प्रतिशत जीएसटी लागू होने के बाद एक बोरी पर १०० रुपए जीएसटी व ३५ रुपए मंडी शुल्क के रूप में भुगतान करना होगा। ऐसे में एक बोरी पर १३५ रुपए टैक्स व्यापारियों को भुगतान करना होगा।

7-8 लाख बोरी की आवक

मालवा में गेहूं का बंपर उत्पादन होता है। ऐसे में धार कृषि उपज मंडी में हर साल गेहूं की ७ से ८ लाख बोरी की आवक होती है। इस रिकार्ड आवक के कारण मंडी को भी टैक्स के रूप में अच्छी रकम मिलती है। रोजाना औसत रूप से मंडी को टैक्स के रूप में ५ से ७ लाख रुपए सीजन में आमदनी होती है। शनिवार को बंद के दौरान मंडी को आमदनी का नुकसान हुआ।

विरोध में रखा बंद

- गेहूं सहित अन्य खाद्य सामग्री पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगाने की घोषणा की है। यह १८ जुलाई से लागू करने की तैयारी है। इस कारण विरोध स्वरूप व्यापारियों की तरफ से मंडी बंद बुलाई गई है। इस व्यवस्था में कई तरह की भ्रांतियां है। व्यापारी पहले से ही मंडी शुल्क के रूप में टैक्स का भुगतान करता है। अब नई व्यवस्था के आने से अतिरिक्त टैक्स का भुगतान करना होगा।
महेंद्र धोका, अध्यक्ष, अनाज-तिलहन व्यापारी संघ धार मंडी