
चार लाइनमैन के भरोसे शहर के मेंटेनेंस का जिम्मा!
धार. शहर में मेंटेनेंस के नाम पर विभिन्न इलाकों में भर गर्मी में बिजली बंद की त्रासदी भोगने के बाद भी ट्रांसफॉर्मरों में फाल्ट की समस्या से निजात नहीं मिल पाई है। स्थिति यह है कि जरा-सी तेज हवा-आंधी शुरू होते ही शहर में बिजली गुल हो जाती है। कई इलाकों में सुबह तक बिजली नहीं लौटने की शिकायतें आम हो चली है। ‘पत्रिका’ ने पड़ताल की, तो जानकारी चौंकाने वाली सामने आई। वर्षों से बिजली कंपनी में लाइनमैनों की पोस्ट खाली हैं। पहले शहर में बिजली व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए 50 से अधिक लाइनमैन हुआ करते थे। कई कर्मचारियों के रिटायर्ड होने के कारण अब बमुश्किल 4 या 5 लाइनमैन ही रह गए हैं। कुछ कर्मियों को संविदा पर लगाया गया है, लेकिन एक्सपर्ट लाइनमैन कम ही हैं। बिजली विभाग के एक कर्मचारी ने बताया कि नई भर्ती नहीं हो रही है। इससे कर्मचारियों का टोटा है।
कई जगह पुराने ट्रांसफॉर्मर
कई ट्रांसफॉर्मर पुराने लगे हुए हैं। इससे इन पर लोड अधिक आ जाने के कारण फॉल्ट होने की समस्याएं भी खूब होती हैं। जंपर जलने और फ्यूज उडऩे की घटनाएं भी आम हैं। कई जगह बिजली के तार बिल्कुल जमीन पर झूलते नजर आते हैं। कई तार पेड़ों की टहनियों और शाखों के बीच से गुजर रहे हैं। तेज हवा-आंधी में इनके टूटने की घटनाएं होती हैं।
बारिश पूर्व हुए मेंटेनेंस पर उठ रहे सवाल
शहर में बारिश से पूर्व हुए मेंटेनेंस पर भी शहरवासी सवाल खड़े कर रहे हैं। त्रिमूर्ति नगर में एक किराना व्यापारी ने बताया कि शुक्रवार को शाम पांच बजे के बाद से ही बिजली ट्रिपिंग की समस्या शुरू हो गई थी। इसके बाद शाम 7 बजे से लेकर रात 10 बजे तक बिजली बंद रही। वहीं प्रकाशनगर में रहने वाले राजीव अग्रवाल का कहना है कि जब बारिश से पहले लाइनों का मेंटेनेंस हो चुका तो बार-बार लाइनों के फाल्ट क्यों होते हैं? विभाग मेंटेनेंस के नाम पर केवल औपचारिकता पूरी करते हैं। भोजनगर के सुरेशचंद व्यास ने बताया कि क्षेत्र में तो रात को स्ट्रीट लाइट तक बंद रहती है। इससे गलियों में अंधेरा छाया रहता है। वहीं एक कर्मचारी दिलीप ने बताया कि हमारे मोहल्ले में बिजली बंद हुई तो सुबह तक बिजली नहीं आई थी।
इसलिए बंद हो जाती है बार-बार बिजली
शहर में बिजली के तार टूटने और ट्रांसफॉर्मर में फाल्ट आने के कारण बिजली बंद रहना तो आम बात हो गई है, लेकिन कंपनी तेज हवा व आंधी के दौरान भी बिजली बंद कर देती है। एक और कर्मचारी ने बताया कि बारिश के दौरान बादलों की गर्जना और बिजली कडक़ने के दौरान ट्रांसफॉर्मरों की सुरक्षा के लिए भी बिजली बंद कर दी जाती है। बिजली कडक़ने के दौरान ट्रांसफॉर्मर पर बिजली गिरने और इसके प्रभाव से वोल्टेज हाई हो जाने के कारण इसके फटने की आशंका रहती है।
कई घंटे बिजली बंद से पानी का संकट
दो दिन पहले बारिश के दौरान कई घंटे बिजली बंद रही। इसके कारण प्लांट से शहर की पानी की टंकियां नहीं भर पाईं। इससे पेयजल की सप्लाई नहीं हो पाई थी। सोमवार को सीएमओ के पास जाकर लोगों ने नाराजगी जताई थी। पहले भी जरा-सी आंधी-हवा में ही लाइट बंद कर दी जाती है। शहर की बिजली व्यवस्था पर सोशल मीडिया पर भी मजाक बनाया जा रहा है। विभिन्न वाट्सऐप ग्रुप में यह वायरल कर दिया गया कि इंजीनियरिंग की क्या बात करते हैं। धार में तो बादल देखते ही बिजली बंद कर दी जाती है।
शहर में बिजली व्यवस्था को निरंतर बनाए रखने के लिए विभाग चौकस रहता है। बारिश के दिनों में कुछजगहों पर दिक्कत आ जाती है। फाल्ट ढूंढने में समय लगता है। व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है।
कामेश श्रीवास्तव, अधीक्षण यंत्री, विद्युत मंडल, धार
Published on:
27 Jun 2018 01:03 am
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