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हर किसी का एक ही सपना, बस अपने घर तक पहुंच जाएं

महाराष्ट्र से ही सामान बेचकर अपने घर की ओर जा रहे

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हर किसी का एक ही सपना, बस अपने घर तक पहुंच जाएं

बच्चों के भूख लगने पर कुछ देर के लिए रुके वाहन में सवार परिवार।

धारफाटा. कभी मुंबई में रहकर दादर नागर हवेलीवासी जुहू कांदिवली सायन हाजी अली कह कर लोगों को गंतव्य तक पहुंचाने वाले ओर अपनी रोजी रोटी से अपना गुजारा करने वाले उत्तरप्रदेश के टेम्पो चालकों ने कभी यह नहीं सोचा होगा कि इन्ही टेम्पो से वह पंद्रह सौ किलोमीटर का सफर तय कर अपने घर पहुंचेंगे।
कभी ऐसी कल्पना भी कभी नहीं की थी न ही किसी ने सोचा था कि एक ऐसा वायरस आएगा, जिससे पूरा देश पूरा अस्त व्यस्त हो जाएगा। नगर के बाहरी छोर पर लगातार सैकड़ों लोग अलग-अलग माध्यम से गुजर रहे हैं। इनकी भयावहता देखकर हर किसी का मन भर आ रहा है। लेकिन राहगीर इन कठिन परिस्थितियों में भी सिर्फ एक ही सपना लिए आगे बढ़ रहे हैं कि कैसे भी अपने घर तक पहुंच सकें। लगातार महाराष्ट्र से उत्तर प्रदेश की ओर पलायन कर रहे लोगों की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है। हर कोई अपने आंगन तक पहुंच जाने के लिए आतुर है। कोई रिक्शे से तो ट्रकों के ऊपर लदकर तो कोई पैदल तो सायकलों से ही गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। छोटे-छोटे मासूम बच्चे का रोना अब वह माता पिता नजर अंदाज कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें हर हाल में घर तक ले जाना है।
रास्ते में बेटी बीमार हुई :दो पहिया वाहन से गुजर रहे एक परिवार में बेटी की अचानक तबीयत खराब हुई तो एक पिता ने कुछ देर के लिए वाहन रोक लिया। देखा बेटी की तबीयत बिगडऩे लगी, लेकिन हिम्मत दी हौसला अफजाई की ओर कुछ देर रुकने के बाद फिर आगे की ओर निकल गए। भीषण गर्मी में लोग अपनी परेशानी को भूलकर सिर्फ एक ही सपना लेकर आगे बढ़ रहे हैं कि घर तक कैसे पहुंचा जाए। भूख से व्याकुल लोग बिस्किट और रास्ते में जरूरतमंद लोगों के द्वारा दिया गया। भोजन लेकर अपना गुजारा कर रहे हैं।
अनाज ले आए
घरों की ओर जाने वाले राहगीर स्कूटी दोपहिया वाहनों से ही गुजर रहे थे। कुछ वाहन जो उत्तर प्रदेश की ओर गए थे। वह वापस अब महाराष्ट्र की ओर आए है, लेकिन उनके वाहन खाली नहीं है। उसमें गेहूं अनाज भरा हुआ है। अनौपचारिक चर्चा में नाम न छापने की शर्त पर एक चालक ने बताया कि महाराष्ट्र में भीषण त्रासदी से जूझ रहे लोग हर हाल में घर पहुंचने के लिए आतुर थे। ऐसी स्थिति में जब उनके पास पैसे नहीं थे। तो उनके घरों का अनाज ही उन्होंने हमारी गाड़ी में डाल दिया। अब इसी अनाज को लेकर हम वापस महाराष्ट्र की ओर जा रहे हैं। इसे कई वाहन देखे गए, जिसमें ऐसे कई वाहन उत्तर प्रदेश से वापस महाराष्ट्र की ओर जाते हुए देखे गए। इसमें अलग-अलग तरह का अनाज भरा था।
अन्य लोग बेच रहे सामान
अपने घरों की ओर पहुंचने वाले अब सामान बेचकर भी आगे की ओर बढ़ रहे हैं। एक ऑटो चालक ने बताया कि 20 हजार रुपए का मोबाइल मात्र 8 हजार रुपए में बेचकर जरूरत का सामान लेने के लिए वह आगे बढ़े। वैसे ही अन्य कई लोग भी जो महाराष्ट्र से ही सामान बेचकर अपने घर की ओर जा रहे हैं।