4 अप्रैल 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सामूहिक विवाह की तर्ज पर सामूहिक भोज बना मिसाल

.प्रत्येक व्यक्ति अपने यहां के मांगलिक कार्य या अन्य प्रसंगों में भोजन इत्यादि के खर्च का प्रबंध करता है और अच्छे से अच्छा भोजन करवाने का प्रबंध करता है।

2 min read
Google source verification

धार

image

Arjun Richhariya

Jun 27, 2018

सामूहिक विवाह की तर्ज पर सामूहिक भोज बना मिसाल

सामूहिक विवाह की तर्ज पर सामूहिक भोज बना मिसाल


सामूहिक विवाह की तर्ज पर सामूहिक भोज बना मिसाल
- छोटे से कस्बे में समाजजनोंं ने दिया खर्च कम करने का संदेश
असलम रहमत
पत्रिका सरोकार
रिंगनोद.
प्रत्येक व्यक्ति अपने यहां के मांगलिक कार्य या अन्य प्रसंगों में भोजन इत्यादि के खर्च का प्रबंध करता है और अच्छे से अच्छा भोजन करवाने का प्रबंध करता है। परंतु यह सब खर्चा उसकी माली हालत को बिगड़ देता है। जिसे कई वर्षों तक वह उभर नहीं पाता है।इन सभी परेशानियों को देखते हुए रिंगनोद के सिर्वी समाजजनों ने एक अनूठी मिसाल पेश की है। जिसमें यह निर्णय लिया गया कि कस्बे का प्रत्येक समाजजन अपने यहां के किसी भी प्रकार के कार्यक्रम में होने वाल भोज मिलकर करेंगे। भले ही उन कार्यक्रमों की तिथि अलग-अलग क्यों न हो। सभी का सामूहिक भोज एक ही दिन रहेगा।
रिंगनोद में करीब दो सौ से अधिक सिर्वी समाज के घर है। यदि कोई भी समाजजन शादी का खाना या मृत्यु भोज आदि करता है तो एक लाख से अधिक का खर्च रसोई का आता है। लेकिन गरीब परिवार के लिए यह राशि बहुत अधिक है। इसी परेशानी को देखते हुए सिर्वी समाजजनों ने बैठक कर शादी, गृह-प्रवेश आदि कार्यक्रमों को एक साथ करने का निर्णय लिया।
ऐसे होती है बचत
नगर में सिर्वी समाज में चार जगह शादी है तो शादी भले ही अलग-अलग दिन हो लेकिन सामूहिक भोजन एक ही दिन और एक साथ में सिर्वी समाज की धर्मशाला में रखा जाता है। इससे शादी आदि कार्यक्रमों के भोजन का खर्च आधे से भी आधा हो जाता है। साथ ही यदि कोई शादी करने वाला परिवार अधिक गरीब है तो उससे नाम मात्र की राशि लेकर सामूहिक भोज में शामिल कर समाजजन सहयोग करते है। इस अच्छे कार्य के लिए सभी जगह सिर्वी समाज की प्रशंसा हो रही है।
क्या कहते है
सभी सिर्वी समाज के लोग इस सामूहिक भोज में सहयोग करते है जिससे सभी को फायदा और बचत होती है।
- रमेश चौधरी, अध्यक्ष, सिर्वी समाज, रिंगनोद
इस तरह की पहल सभी धर्म के समाजजनों को करनी चाहिए। इससे खर्च पर कटौती हो और शादी आदि कार्यक्रमों का खर्च भी कम हो।
- भागीरथ हामड़, पूर्व सरपंच, रिंगनोद
इस सामूहिक भोज में कोई परिवार शामिल नहीं होता है तो सभी समाज के वरिष्ठ उस परिवार से निवेदन कर राजी कर लेते है और इस पहल में सभी समाजजन सहयोग कर रहे है।
- नंदराम जमादारी, रिंगनोद
इस पहल की सभी प्रशंसा कर रहे है। इससे गरीब वर्ग के सिर्वी समाज के लोगों को भी फायदा और बचत हो रही है।
- माना मोलवा, रिंगनोद