
Indore High Court Hearing Scheduled for April 6 in Bhojshala dispute (Patrika.com)
MP news: इंदौर हाईकोर्ट में धार भोजशाला मामले (Bhojshala Dispute) में गुरुवार को अहम सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान जज द्वारा 6 अप्रैल से दोपहर ढाई बजे से नियमित सुनवाई करने की बात कही। कोर्ट ने कहा कि बहस में पहले याचिकाकर्ताओं के तर्कों को सुना जाएगा। इसके बाद आपत्तिकर्ताओं को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा। भोजशाला मामले में पांच याचिकाएं लगी हैं। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति भी रखी गई। कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन किया जाएगा।
सुनवाई में हिंदू फ्रंट फार जस्टिस की और से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन और याचिकाकर्ता आशीष गोयल मौजूद रहे। गोयल ने बताया की गुरुवार को हाई कोर्ट में 15 मिनट के लगभग दोनो पक्षों को सुना। न्यायमूर्ति ने समय आभाव होने की बात करते हुए सोमवार 6 अप्रेल से लगातार सुनवाई किए जाने के बात बताई। जिसमे सबसे पहले याचिकाकर्ता यानी हिंदू पक्ष को सुना जाएगा। वही प्रतिवादी मुस्लिम पक्ष को आपत्तियों के आधार पर पक्ष रखने का मौका मिलेगा।
बता दें कि, कमाल मौलाना वेलफेयर सोसायटी की और से एएसआई की सर्वे रिपोर्ट में वीडियोग्राफी साक्ष्य की मांग के बावजूद उपलब्ध नहीं कराए जाने की स्थितियों को लेकर 23 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थीं। इस पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को शिकायतों और साक्ष्यों की मांग हाईकोर्ट के समक्ष रखने के लिए कहा और अलग से सुनवाई करने से इंकार कर दिया। सर्वोच्च न्यायालय ने मामले में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया था। गौर करने वाली बात है ये है कि मुस्लिम पक्ष की याचिका लगने के बाद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की और से एक कैविएट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई थी।
बता दें कि, भोजशाला के धार्मिक स्वरुप को लेकर कोर्ट के फैसले में मुख्य आधार एएसआई द्वारा कोर्ट के आदेश पर किए गए वैज्ञानिक सर्वेक्षण एवं उसके आधार पर प्रस्तुत रिपोर्ट रहेगी। जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई है। 28 मार्च को न्यायाधीशों की और से भोजशाला में भौतिक निरीक्षण भी किया गया है और सर्वे रिपोर्ट में उल्लेखित स्थितियों को भी देखा गया है। 500 पेज की आपत्ति पूर्व से प्रस्तुत मुस्लिम पक्ष द्वारा भोजशाला मामले को लेकर दो आपत्तियां दर्ज कराई गई है। जिसमें एक आपत्ति 500 पेज की है। इन आपत्तियों के अतिरिक्त वीडियोग्राफी साक्ष्य मांग कर उसके आधार पर अन्य नई आपत्ति दर्ज कराने का दावा किया जा रहा है। (MP news)
Updated on:
02 Apr 2026 03:42 pm
Published on:
02 Apr 2026 03:41 pm
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