
Handloom weaving training
बड़वानी/अंजड़. समीपस्थ ग्राम चकेरी स्व सहायता समूह की महिलाएं माहेश्वरी साड़ी बनाना सीख रही हैं। ग्राम चकेरी में दीनदयाल अंत्योदय मप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन व भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ मर्यादित के संयुक्त समंवय से वनधन विकास केंद्र योजना के तहत हाथकरघा बुनाई प्रशिक्षण शुरू किया गया। इसमें चकेरी और छापरी की 40 से अधिक महिलाओं को 6 माह का महेश्वर की हेमलता खराड़े व चकेरी की रुक्मिणी बाई द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बाद ये महिलाएं अपनी आजीविका स्वयं चला सकेंगी।
वनधन आजीविका स्व सहायता समूह की उषा पाटीदार ने बताया कि महिलाओं को 1 जनवरी से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। खेत में मजदूरी करने वाली ये महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रशिक्षण ले रही हैं। प्रशिक्षणार्थी महिलाओं को माहेश्वरी साड़ी व हैंडलूम के लिए लूम शासन माध्यम से अनुदान दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के बाद महिलाओं को हैंडलूम की मशीनें भी दी जाएगी। ये सभी महिलाएं गांव की रुक्मिणी केवट को देखकर भी कहीं न कहीं प्रभावित हुई है। रुक्मिणी केवट ने बताया कि एक साडी़ को बनाने में डेढ़ से 2 दिन लगते हैं और हम पति-पत्नी मिलकर महीनेभर में 16 से 17 साडियां बनाते है। वहीं साडी़ पर घर बैठे 400 रुपए मजदूरी लेकर महेश्वर के दुकानदारों को देते है।
Published on:
18 Feb 2021 08:29 pm
बड़ी खबरें
View Allधार
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
