
ग्राम रतवा में अवैध रेत का उत्खनन का कार्य जोरों से चल रहा है।
मनावर. न्यायालय की रोक के बावजूद प्रशासन नर्मदा के तट क्षेत्र की रेत खदानों पर अवैध रेत खनन के कार्य को रोक नहीं पा रहा है। हालात यह है कि रेत माफिया बैखोफ होकर नर्मदा के किनारों को छलनी कर रहे हंै। सरदार सरोवर डूब क्षेत्र के इन नर्मदा तटों से रेत एवं मिट्टी खनन पर हाई कोर्ट एवं एनजीटी की रोक लगी हुई है । बावजूद यहां के अधिकांश रेत खनन माफिया राजनीतिक नेताओं की शह के दम पर नर्मदा के किनारों को खोखला करने में लगे हैं ।
ग्राम रतवा में इन दिनों रेत खनन जेसीबी से किया जा रहा है । सरदार सरोवर के बेक वाटर के उतरते ही अवैध रेत के खनन पुरजोर तरीके से चल पड़ा है। नर्मदा के किनारों से पानी उतर गया है तथा मनावर क्षेत्र की सभी रेत खदानों से रेत खनन का कार्य होने लगा है। खनिज विभाग की लापरवाही के चलते डूब क्षेत्र के किए जा रहे हैं । सड़क मार्ग निर्माण के कार्यों में भी ठेकेदार को हाई कोर्ट एनजीटी के द्वारा प्रतिबंधित किए गए क्षेत्रों में अवैध खनन करवाया जा रहा है। जिसकी विधिवत अनुमति खनिज विभाग धार एवं राजस्व विभाग मनावर के द्वारा नहीं दी गई है । क्षेत्र के ग्रामों के किसानों के खेत पहुंच मार्ग के कार्यों में ठेकेदार द्वारा मनचाही जगह से लीड बचाने के चक्कर में मिट्टी मुरम की खुदाई कर दी गई है जिसकी शिकायत होने के बावजूद खनिज विभाग धार एवं राजस्व विभाग ने आंखें मूंद ली है।
ग्राम रतवा के नर्मदा तट क्षेत्र से लगी मलनगांव की महिला कृषक सज्जन वेवा सखाराम के द्वारा आवेदन कलेक्टर पंकज जैन धार तथा एसडीएम शिवांगी जोशी को आवेदन दिया है। आवेदन में महिला ने कहा है कि उसकी ग्राम रतवा स्थित कृषि भूमि सर्वे नंबर शामलाजी खाता सखाराम पिता रणछोड़ के नाम की जमीनn स्थिति जिसमें से कुछ जमीन सरदार सरोवर के डूब में चली गई एवं शेष सर्वे नंबर में से रकबा बची है जिस पर राहुल पिता राजेंद्र जाति राजपूत निवासी मलनगांव एवं पवन पिता अशोक जाति राजपूत निवासी रतवा रतवा के द्वारा के द्वारा अवैध रूप से रेत का जेसीबी के द्वारा उत्खनन करवा कर रात्रि में भरकर अवैध रूप से परिवहन कर मनावर क्षेत्र में बेची जा रही है । जमीन पर इन रसूखदार लोगों के द्वारा डरा धमका कर रेत का उत्खनन किया जा रहा है । इस संबंध में पूर्व में कई आवेदन राजस्व एवं पुलिस विभाग को दिए जा चुके हैं लेकिन इन अवैध रेत खनन के माफियाओं के विरुद्ध प्रशासन के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है । महिला कृषक सज्जन बाई ने इस संबंध में कमिश्नर इंदौर एवं मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन को पत्र लिखकर कहा है कि महिला कृषक हूं तथा मेरे साथ कतिपय लोगों द्वारा शासकीय जमीन बताकर मेरी कृषि भूमि को खोदकर रेत निकाल कर बेची जा रही है । इन लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाए।
महिला कृषक का आवेदन एसडीएम एवं तहसीलदार के कार्यालयों से मार्क किया हुआ मिला है । जिसकी जांच की जाएगी । वैसे इस महिला ने पूर्व में भी शिकायत की थी लेकिन ऐसा कुछ है नहीं और जिस तरह महिला बता रही है कि उसकी कोई डूब क्षेत्र से शेष जमीन बची है उसकी भी जांच करवा लेंगे । जहां तक रेत उत्खनन का मामला है हमने पहले भी चेक किया था लेकिन कोई मिला नहीं यदि रेत का उत्खनन करते हुए पाया जाता है तो निश्चित ही कार्यवाही की जाएगी।
सरिता गामड, नायब तहसीलदार मनावर
Published on:
28 Feb 2022 12:04 am
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