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अभिनेता गोविंदा के आने से आदिवासी सियासत में आएगा उबाल

आदिवासी किसान महापंचायत मेंं शामिल होने कल आएंगे, जयस जारी कर सकता है पहली सूची

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धार

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Amit Mandloi

Oct 01, 2018

film star

Govinda

धार/कुक्षी. सूबे की आदिवासी सियासत में उबाल लाने के लिए जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन (जयस) ने 2 अक्टूबर को किसान महापंचायत में अभिनेता गोविंदा को आमंत्रित किया है। कांग्रेस से सांसद रह चुके गोविंदा एक अरसे से राजनीति से दूर हैं। लेकिन, कुछ समय पूर्व नगर भाजपा अध्यक्ष अनिल जैन के कार्यक्रम में शामिल होकर उन्होंने सियासी गलियारे में हलचल पैदा की थी। हालांकि, उस समय उन्होंने केवल सिनेमा जगत के लिहाज से शरीक होना कहा था, लेकिन 2 अक्टूबर को धार जिले के कुक्षी में आयोजित जयस की किसान महापंचायत में एक बार फिर शामिल होने आ रहे हैं। इससे सियासी अटकलें तेज हो गई हैं। किसान महापंचायत में गोविंदा के अलावा और भी कई हस्तियों के आने की संभावना है। चर्चा है, जयस फिल्म स्टार को अपने कार्यक्रम में बुलाकर इस बार के विधानसभा चुनाव में अपनी उपस्थिति के साथ त्रिकोणीय मुकाबले का संकेत दे रहा है। जयस का यह आयोजन कृषि उपज मंडी में सुबह 11 बजे से होगा। क्षेत्र में पहली मर्तबा हो रहे किसान महापंचायत आयोजन के माध्यम से जयस देश में किसानों द्वारा की जा रही आत्महत्याओं और उनके बद्दतर हालत की ओर राज्य तथा केंद्र सरकारों का ध्यान खींचना चाहता है। अटकलें हैं कि आयोजन में जयस अपने 80 विधान सभा उम्मीदवारों की सूची भी जारी कर ‘अबकी बार आदिवासी सरकार’ के नारे को बुलंद कर सकता है।
ये होंगे शामिल
कुक्षी में होने वाली इस किसान महापंचायत में शामिल होने के लिए अभिनेता गोविंदा के अलावा सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट आनंद मोहन माथुर, व्यापमं घोटाले को उजागर करने वाले डॉ. आनंद राय, आम किसान यूनियन के लीडर केदार सिरोही, कोलकता से वली रहमानी, मध्यप्रदेश काजी काउंसिल के अध्यक्ष इशरत अली, झारखंड जयस प्रभारी संजय पहान, तेलंगाना जयस प्रभारी नरसिम्हा कत्राम, भिलिस्तान टाइगर सेना से प्रफुल्ल वसावा शामिल होंगे।
70 साल बाद भी बद्तर स्थिति में आदिवासी
जयस के राष्ट्रीय संरक्षक डॉ. हीरालाल अलावा का कहना है, इस किसान महा पंचायत में जयस यह मुद्दा उठाएगा कि आजादी के 70 साल बाद भी आदिवासियों की हालत खराब क्यों है? इतने सालों में आदिवासी इलाकों की तस्वीर क्यों नहीं बदली? क्यों आदिवासी इलाकों में आज भी हालात कुछ अफ्रीकी देशों के सामान है?