
सजे मंदिर, बच्चों ने फोड़ी ऊंची मटकी
बाग. सोमवार को नगर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव जन्माष्ठमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। लोगो ने अपने-अपने घरों में लड्डू गोपाल (भगवान कृष्ण) की प्रतिमा को पंचामृत से स्नान करवाकर रंग-बिरंगी पोशाकें पहनाई। इस दौरान कई लोगों ने फूल बंगलों के सिंहासन में बैठाकर भगवान को झूला झुलाया। दोपहर बाद कई घरों में भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाकर छप्पन भोग लगाकर आरती उतारी गई। वैसे नगर के मंदिरों में रात १२ बजे मनाया जाएगा, जिसकी तैयारियां होती रही।
नालछा. विकासखंड के ग्राम सोडपुर के सरस्वती शिशु मंदिर में जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी मटकी फोड़ कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें स्कूली बच्चों के साथ नगर के युवाओं ने भगवान के जयकारे लगाते हुए प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। इसमें प्रथम पुरस्कार विजेता टीम को 500 रुपए का नकद पुरस्कार दिया गया। आयोजन की शुरूआत विद्यालय के संयोजक मुन्नालाल जायसवाल ने की। आभार प्रधानाचार्य कालूप्रसाद यादव ने माना।
कुक्षी. नगर में जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। मंदिरो को आकर्षक तरीके से सजाया गया तथा धार्मिक आयोजन कर प्रसादी वितरित की गई। नगर के सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर विशेष रूप से सजाया गया और हनुमान की प्रतिमा को श्रीकृष्ण का स्वरूप दिया गया। शाम को भजन संध्या के साथ फलाहारी प्रसादी का वितरण भी किया गया। इसी तरह नगर के अन्य मंदिरो में आयोजन हुए।
घाटाबिल्लौद. श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर भव्य पूजा और आरती होती है। श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर मंदिरों को सजाया जाता है। मध्यरात्रि में यानि लगभग 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के समय गाय के शुद्ध दूध से भगवान बांके-बिहारी का अभिषेक किया जाता है। इसके बाद कई तरह के पकवान और फलों का भोग लगाया जाता है और महाआरती की गई। इसके साथ ही भगवान के जन्मोत्सव के भजन भी गाए जाते हैं। इस तरह कई भक्तों से मंदिर भर जाता है।
धामनोद. भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव पूरे नगर में बड़े हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया। सभी मंदिरों में आयोजन हुए। वहीं नगर के मुख्य व्यंकटेश बालाजी मंदिर में फूलों और विद्युत सज्जा की गई। मंदिर में भगवान का पालना सजाया गया। वहीं मंदिर में भजन कीर्तन का दौर भी चलता रहा। इस दिन श्रद्धालुओं ने व्रत कर भगवान कृष्ण के नाम का स्मरण किया। माखन, मिश्री, पिंजरी इत्यादि का प्रसाद वितरित के तैयार किया गया।
इधर महेश्वर रोड नए बस स्टैंड पर मडक़ी फोड़ आयोजन नप अध्यक्ष दिनेश शर्मा द्वारा रखा गया। वहीं सभी एक दूसरे को सोशल मीडिया पर जन्माष्टमी के शुभकामना संदेश दी। इधर साप्ताहिक अवकाश होने से राखी, मिठाई आदि दुकाने ही खुली दिखी। वहीं साप्ताहिक बाजार में भीड़ रही। कई बहनों ने भाइयों को रक्षा सूत्र भी बांधे।
रिंगनोद. जन्माष्टमी के अवसर पर नगर के सभी मंदिरों पर आकर्षक सज्जा कर भगवान श्रीकृष्ण को छप्पन भोग लगाकर महाआरती की गई। साथ ही कई धार्मिक आयोजन भी हुए। इस अवसर पर नगर के स्कूल ज्योति विद्यापीठ पर फैंसी ड्रेस, डांस और मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। मटकी फोड़ में लखन सोलंकी और उमेश चौहान की टीम विजेता रही। सभी प्रतियोगिता में शिक्षक फरीद खान का सहयोग रहा। प्रतियोगिता में विजेता बच्चों को प्राचार्य हाजी आफताब कुरैशी और नारायण पाटीदार ने पुरस्कार वितरण किया।
बदनावर. जन्माष्टमी एवं अंतिम शाही सवारी पर्व सोमवार को लोगों ने हर्ष के साथ मनाया। पिपलेश्वर मंदिर स्थित राधा कृष्ण प्रतिमा के दर्शन के लिए अलसुबह से ही दर्शन करने वालों का तांता लगा रहा। मंदिर पर आकर्षक सज्जा की गई एवं प्रतिमा का श्रंृगार किया गया। निचलावास स्थित कृष्ण मंदिर पर भी लोग दर्शन के लिए पहुंचे। अंतिम शाही सवारी पर 11 नयनाभिराम झांकियां और 5 अखाड़े भी शामिल थे। देर रात तक निकलने वाली शाही सवारी को देखने के लिए ग्रामीण अंचल सहित अन्य जिलों से भी लोग एकत्रित होने लगे थे। शांति व्यवस्था के लिए स्थानीय एवं पुलिस प्रशासन काफी चौकस नजर आई। चौराहों एवं भवनों पर भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया। नगर में छोटे चौपहिया वाहनों का प्रवेश भी रोका गया। झांकी एवं अखाड़ों के साथ भोलेनाथ देर रात नगर भ्रमण पर निकले। रात 12 बजे भगवान भोलेनाथ एवं श्रीकृष्ण भगवान का हरिहर मिलन होगा। शाही सवारी का कारवा इसके बाद ही नगर भ्रमण पर निकलेगा।
Published on:
04 Sept 2018 12:41 am
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