
धार। कारम डैम (karam Dam) निर्माण में हुई गड़बड़ी की शिकायतों के बाद भी किसी अधिकारी ने जांच नहीं की। इससे डैम फूटने की कगार पर पहुंच गया। डैम के कारण 18 गांव के लोगों ने कई रातें दहशत में गुजारी। बाद में रात को प्रशासन ने डैम फोड़कर पानी निकाल दिया। बाद में सरकार और प्रशासन ने जमकर वाहवाही लूटी, लेकिन ग्रामीणों द्वारा सीएम हेल्प लाईन से लेकर अधिकारियों को की गई शिकायत पर ध्यान नहीं दिया गया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि अगर अधिकारी शिकायत पर ध्यान देकर डैम की जांच कर लेते तो ग्रामीणों को दहशत में नहीं रहना पडता। साथ ही फसलों का नुकसान भी नहीं उठाना पड़ता। प्रशासनिक अधिकारी शिकायत को रददी की टोकरी में डालते रहे। लगभग 300 करोड की लागत से कारम डैम का निर्माण होना है। डैम का काम 90 प्रतिशत पूरा हुआ। बारिश के बाद डैम लबालब भर गया और निर्माण की पोल चार जगह से लीकेज ने खोल दी थी। बाद में धार-खरगोन के 18 गांवों को बाढ़ के डर से खाली कराया।
ग्रामीण लोकेश सोलंकी ने बताया कि निर्माण में गडबडी को लेकर पहले प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत की। किसी भी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया तो सीएम हेल्प लाइन में शिकायत की। शिकायत लेवल चार तक पहुंच गई। इसके बाद भी अधिकारियों ने सुध नहीं ली।
2020 से की शिकायतें
सोलंकी ने बताया कि एसडीएम मनावर को ग्रामीणों ने शिकायत की थी। इसके बाद 3 सितंबर 2022 को अधिकारी ने 15 दिन में शिकायत हल करने का आश्वासन दिया था। इसके बाद भी कोई निराकरण नहीं हुआ। शिकायतकर्ता लोकेश सोलंकी की सुनवाई जिला स्तर पर नहीं हो पाई। इसके बाद वे जल संसाधन के मुख्य अभियंता के पास पहुंचे। मुख्य अभियंता को उन्होंने 5 मई 2022 को शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया कि ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य में लापरवाही की जा रही है। ठेकेदार और कर्मचारियों की मिलीभगत से काम हो रहा है। सोलंकी पेन ड्राइव में तमाम सबूत सौंपे। इसके बाद भी अभियंता ने ध्यान देना तक उचित नहीं समझा।
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अभियंता से लेकर कलेक्टर ने नहीं दिया ध्यान
सोलंकी बताया कि उन्होंने एसडीएम से लेकर अभियंता को आवेदन दिए, लेकिन किसी ने ध्यान देना उचित नहीं समझा। सोलंकी ने बताया कि पहला आवेदन 23 सितंबर 2022, दूसरा 21 फरवरी 2022 को धार में कार्यपालन यंत्री बीएल निनामा, तीसरा आवेदन 23 फरवरी 2022 मुख्य अभियंता, उसी दिन पुरुषोत्तम जोशी, 17 मई 2022 को प्रमुख अभियंता को दिया,लेकिन जांच तक नहीं हुई। बाद में तमाम आवेदनों की फोटो कापी के साथ एक शिकायत कलेक्टर को की। बाद में सीएम हेल्प लाइन पर की। सोलंकी ने बताया कि अगर सरकार और अधिकारी समय पर डैम चेक कर लेते तो ऐसी स्थिति नहीं बनी। उन्होंनेबताया कि कार्रवाई की गाज अभी तक किसी अधिकारी पर नहीं गिरी है।
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Updated on:
19 Aug 2022 06:17 pm
Published on:
19 Aug 2022 06:15 pm
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