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कावड़ यात्री मस्ती में झूमे भजनों पर

कावडिय़ों का नर्मदा से जल लेने का दिनभर चला दौर

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Ramesh Vaidh

Aug 20, 2018

dhar

कावड़ यात्री मस्ती में झूमे भजनों पर

मनावर. श्रावण माह के अंतिम सोमवार भगवान शिवशंकर का जल अभिषेक के लिए विभिन्न स्थानों से आए कावड़ यात्रियों के द्वारा मनावर के सेमल्दा स्थित मां नर्मदा के घाट से जल भरकर ले जाने का सिलसिला दिनभर चलता रहा। इसमें प्रमुख रूप से सेवा भारती गंधवानी के द्वारा प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी कावड़ यात्रा निकाली गई, जिसमें गंधवानी वनवासी अंचल के दुरूस्त ग्राम कस्बों के युवाओं ने भाग लिया। प्रात: 8 बजे करीब तीन हजार वनवासी युवाओं ने सेमल्दा घाट से मां नर्मदा का जल कावड़ लेकर रवाना हुए जो करीब 1 बजे मिर्ची मंडी देवला मनावर पहुंचे। कावड़ यात्रियों का करोली तलाई, सिरसाला, पंचखेड़ा, देवला के ग्रामीणों ने स्वागत किया। मिर्ची मंडी देवला में हुए पड़ाव के दौरान एक धर्मसभा का आयोजन किया गया। इसे संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के जिला सेवा प्रमुख कमलेश राठी ने कहा कि भगवान शंकर के जलाभिषेक के साथ आप सभी युवाओ को संकल्प लेना है कि मां भारती के सम्मान व अस्मिता पर आच नहीं आने देगें। आज वनवासी क्षेत्र में संस्कृति को खत्म करने का जो काम चल रहा है, इन तत्वों की पहचान करना होगा। वनवासी को अपने वशंजों की त्याग, तपस्या का अनुशरण करना चाहिए। जैसे एकलव्य, माता शबरी, व केवट ने भगवान राम के लिए किया था। इस अवसर पर देवदास पाटीदार, दुधा मंडलोई, गोविंद महाराज वासली, मंच पर थे। कावड़ यात्रियों को खिचड़ी अल्पाहार दिया गया। यात्रियों का गणेश जर्मन, योगेंद्र मुवेल, दीपक सोनी आदि लोगों के द्वारा भव्य स्वागत किया गया। संचालन अरविंद पांडेय ने किया।
टवलाई ञ्च पत्रिका. मां रेवा कावड़ यात्रा संघ कोठडा के तत्वावधान में ग्राम के रेवा तट स्थित चिडिय़ा संगम तीर्थ से 13 सदस्य कावडिय़ो का एक दल संतोष फौजी के नेतृत्व में महाकाल उज्जैन के लिए रवाना हुआ। दल में संतोष ब्रांल, दयाराम पटेल, महेश ब्रांले ने बताया कि यात्रा का प्रथम पड़ाव धामनोद, दूसरा पड़ाव गणेश घाट, तीसरा पड़ाव जामली, चौथ पड़ाव अन्नपूर्णा मंदिर इंदौर और पांचवां पड़ाव धरमपुरी में रहेगा। कावडिय़ों ने बताया कि यात्रा का उद्देश्य राष्ट्र की प्रगति, जनता की खुशहाली और राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाना है।
कोद. नगर में सोमवार को कोटेश्वर महादेव के तत्वावधान में एक दिवसीय कावड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इसमें कावड़ यात्री बिलकेश्वर महादेव से कावड़ में जल भरकर के कोटेश्वर महादेव का जलाअभिषेक करेंगे।आयोजन का यह प्रथम वर्ष है। वहीं ज्ञानेश्वर महादेव के तत्वावधान में निकली कावड़ यात्रा अमझेरा से जल भरकर सोमवार को कोटेश्वर महादेव पहुंचेगी एवं भगवान कोटेश्वर महादेव का जिला अभिषेक करेंगे ।

बाग. नगर में रविवार सुबह धर्मध्वजा लेकर सुहाने मौसम में बाग से बडक़ेश्वर तक की पैदल यात्रा निकाली। रणछोडऱाय मंदिर से निकली इस यात्रा में बड़ी संख्या में युवाओं और महिलाओं ने भाग लिया। 8 किलोमीटर की इस पैदल यात्रा की खासियत यह रही कि यात्रा के साथ 6 वर्ष से लगाकर 12 वर्ष तक बच्चे शामिल हुए। इस वर्ष भी श्रावण मास में निकलने वाली शिव श्रावण पद यात्रा रविवार को निकली। इस यात्रा का मुख्य आकर्षक भगवान शिव के परिवार के साथ ऋषि-मुनि और हनुमानजी भी प्रतीक रूप में सजधज कर शामिल हुए। यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ युवा भी डीजे और बैंड थिरक रहे थे। भगवान भोलेनाथ को आकर्षक बग्गी में बैठाकर यात्रा में निकाला गया। यात्रा के पहले पड़ाव में यात्रियों को श्रीरणजीत हनुमान मंदिर पडल्या तिराहे पर स्वल्पाहार दिया गया। वहीं, रास्ते भर भी लोगों ने पैदल यात्रियों को शीतल पेय सहित फ्रूट बांटे गए। यात्रा समिति के सदस्यों अखिलेश झंवर, श्याम सुंदर अगाल, शेखर झंवर, दिलीप राठी, बबलू तापडिय़ा, सुरेश झंवर, जसवंत सिसौदिया, अखिलेश तापडिय़ा सहित अन्य सदस्यों ने यात्रा में शामिल होने वाले सभी यात्रियों का आभार माना।
बखतगढ़ ञ्च पत्रिका. आप और हम युवा संगठन की कावड़ यात्रा हिन्दू नेता लाखनसिंह सकतली के नेतृत्व में निकाली गई। यह कावड़ यात्रा विगत चार वर्ष से निकाली जा रही है। बोल बम के जयकारे के साथ कावडिय़े बरसते पानी में डीजे की धुन पर झूमते-नाचते निकले। कावड़ यात्रा नागेश्वर बदनावर से निकली और मांगल्या, बखतगढ़ होते हुए कोटेश्वर महादेव का जल अभिषेक कर समाप्त होगी। कावड़ यात्रा व्यवस्था में सोहन सिंह जादव का सराहनीय योगदान रहा। बखतगढ़ में कावड़ यात्रा का स्वागत श्रवण गौर, प्रदीप तिवारी आदि ने किया।
देवताओं ने स्थापित किया यह शिवलिंग
गणपुर . मां नर्मदा ने नदी के रूप में पूर्व से पश्चिम की ओर गमन किया है, तब परमात्मा के आदेश अनुसार स्वर्ग के सभी प्रमुख देव दिव्य विमान से उतरे और सर्वप्रथम देवाधी देव शिवाजी की स्थापना यहां की। इसके लिए सर्वप्रथम अष्ट पहलु में पत्थरों का शिवलिंग बनाया। उसके बाद विशाल शिवलिंग की स्थापना की। मंदिर के छत पर देवी के शक्ति यंत्र का निर्माण कर सभी देवताओं ंने शिव शक्ति यंत्रो से सरंक्षित शिवलिंग पूजा-अर्चना की और फिर मां नर्मदा नदी के परिक्रमा की। देवताओं द्वारा परिक्रमा विधान पूरा करने के बाद ऋषि-मुनियों ने मां नर्मदा की प्रदक्षणा की। हम यहां पर बात कर रहे ग्राम बोधवाड़ा के प्राचीन शिव मंदिर की। देवेश्वर भगवान के इस प्राचीन मंदिर में वर्षों से सात अखंड ज्योत प्रज्ज्वलित हो रही है। यहां पर भक्तोंं का आना-जाना लगा रहता है। इसके साथ मंदिर में श्रावण के दिनों में भक्तों की भीड़ देखने को मिलती है। यहां 100 वर्ष से अधिक पुराने दो बरगद के विशाल पेड़ भी हैं।

बखतगढ़. आप और हम युवा संगठन की कावड़ यात्रा हिन्दू नेता लाखनसिंह सकतली के नेतृत्व में निकाली गई। यह कावड़ यात्रा विगत चार वर्ष से निकाली जा रही है। बोल बम के जयकारे के साथ कावडिय़े बरसते पानी में डीजे की धुन पर झूमते-नाचते निकले। कावड़ यात्रा नागेश्वर बदनावर से निकली और मांगल्या, बखतगढ़ होते हुए कोटेश्वर महादेव का जल अभिषेक कर समाप्त होगी। कावड़ यात्रा व्यवस्था में सोहन सिंह जादव का सराहनीय योगदान रहा। बखतगढ़ में कावड़ यात्रा का स्वागत श्रवण गौर, प्रदीप तिवारी आदि ने किया।

नालछा. युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा नरसिंह मंदिर प्रांगण में महाकाल कावड़ यात्रा का पुष्प वर्षा से स्वागत किया। यात्रियों को केले व चाय की प्रसादी दी गई। संयोजक संजय अजन ने बताया कि यह कावड़ विगत 18 वर्षों से लगातार निकाली जा रही है, जिसमें युवाओं द्वारा बढ़-चढक़र हिस्सा लेते हैं। इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज ग्वाल, संदीप पांवर, लक्की सेन, पीयूष ग्वाल, अमित शर्मा, राहुल शिवदे, सुनील नायक, नीरज प्रजापत, चंदन प्रजापत, ईश्वर आदि युवा कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।
गुजरी. ग्राम में विवार को एकलव्य सेना द्वारा निकाली गई। कावड़ यात्रा में उमड़ा जनसैलाब यात्रा सुबह 10 बजे ग्राम के विश्राम ग्रह डाक बंगले से सुबह ड़ीजे ढोल ताशो के साथ निकाली गई। यात्रा में राज्यमंत्री महामण्डलेश्वर कम्प्यूटर बाबा, नीलेश सोलंकी सहित कई संत, राजनेता मौजूद रहे। यात्रा में सैंकड़ों यात्रियों सहित कार्यकर्ता मौजूद थे। यात्रा संयोजक लोकेश सोलंकी का ग्राम में जगह-जगह पुष्पवर्षा से स्वागत किया गया। वहीं साफा बांधा गया। कावडिय़ों ने शनिवार को जल महेश्वर से जल भरा था, जो कि सोमवार को जनकेश्वर महादेव जानापाव कुटी चढ़ाया जाएगा।